केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने एक बड़े Loan Fraud Case में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई है। यह मामला बैंक से धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये का लोन हासिल करने से जुड़ा है।

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CBI कोर्ट अहमदाबाद ने 23 दिसंबर 2025 को दिए फैसले में अंकुश मधुभाई नकरानी, अशोकभाई मांजीभाई कथारोटिया और हिम्मत नागजीभाई वडोरिया को दोषी पाया। अदालत ने तीनों को तीन वर्ष का सश्रम कारावास और प्रत्येक पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया है।

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कैसे हुआ लोन फ्रॉड?

CBI की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और जाली बिल ऑफ एंट्री के जरिए टेक्सटाइल मशीनरी के आयात का झूठा दावा किया। इसके आधार पर उन्होंने SIDBI, सूरत से करीब ₹2 करोड़ का लोन मंजूर कराया।

जांच में यह भी साबित हुआ कि वास्तव में कोई मशीनरी आयात नहीं की गई थी, बल्कि फर्जी कागजात के जरिए लोन की रकम हड़प ली गई। इससे बैंक को करीब ₹63 लाख से अधिक का नुकसान हुआ।

कोर्ट का सख्त संदेश

अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा कि बैंकिंग सिस्टम से धोखाधड़ी गंभीर आर्थिक अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह के फ्रॉड पर रोक लग सके।

GB NEWS INDIA | Category: अपराध

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