मुंबई।केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई में तैनात CGST ऑडिट विंग के एक सुपरिंटेंडेंट को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 22 दिसंबर 2025 को बिछाए गए ट्रैप के दौरान की गई।
CBI के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने एक निजी कंपनी के ऑडिट के दौरान 98 लाख रुपये की कथित टैक्स डिमांड बनाने की धमकी दी थी और मामले को “सेटल” करने के लिए 20 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
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कैसे सामने आया पूरा मामला
CBI ने यह केस एक निजी कंपनी के निदेशक की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया था। शिकायत में कहा गया कि CGST अधिकारी ने 26 नवंबर 2025 को कंपनी का ऑडिट किया और इसके बाद अवैध लाभ की मांग शुरू कर दी।
बातचीत के बाद आरोपी ने 17 लाख रुपये में सौदा तय किया, जिसमें से 5 लाख रुपये की पहली किस्त 22 दिसंबर को देने के लिए कहा गया। इसी दौरान CBI ने जाल बिछाया और अधिकारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
CBI ने साफ किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घूसखोरी नेटवर्क में अन्य अधिकारी या बिचौलिए भी शामिल थे।
यह मामला न सिर्फ सरकारी सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि CBI की निगरानी से बच पाना अब मुश्किल है। टैक्स ऑडिट जैसे संवेदनशील विभाग में इस तरह की कार्रवाई को सख्त संदेश माना जा रहा है।
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