भारत और न्यूजीलैंड ने व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) को अंतिम रूप दे दिया है। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार, सेवाओं और निवेश के क्षेत्र में आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है।
इस FTA के लागू होने के बाद भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले 100 प्रतिशत सामान पर Zero Duty (शून्य शुल्क) का लाभ मिलेगा। इससे भारतीय उत्पादों को वहां के बाजार में सीधी और सस्ती पहुंच मिलेगी, जिससे निर्यात को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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समझौते की प्रमुख बातें
- 8,284 से अधिक टैरिफ लाइनों पर शुल्क समाप्त
- भारतीय उत्पादों के लिए बेहतर मार्केट एक्सेस
- आईटी-आईटीईएस, फाइनेंस, एजुकेशन, टूरिज्म और ऑडियो-विजुअल सेवाओं में नए अवसर
- भारतीय प्रोफेशनल्स और छात्रों के लिए बेहतर मोबिलिटी
- वैश्विक वैल्यू चेन में भागीदारी बढ़ाने के लिए MFN ट्रीटमेंट
- किसानों, MSME, कारीगरों, श्रमिकों और महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ
MSME और किसानों को कैसे होगा फायदा?
इस समझौते से खासतौर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी। कृषि उत्पादों, हैंडलूम, हस्तशिल्प और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को निर्यात के नए रास्ते मिलेंगे।
भारत–न्यूजीलैंड संबंधों में नया अध्याय
यह FTA सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लंबी अवधि के आर्थिक सहयोग, निवेश और टेक्नोलॉजी साझेदारी को भी मजबूत करेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह समझौता भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति को और सशक्त बनाएगा।
FTA के क्रियान्वयन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसका लाभ चरणबद्ध तरीके से दिखने लगेगा।
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