नई दिल्ली:अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त कैलेंडर को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बड़ा बयान दिया है। बोर्ड ने साफ किया है कि मैच शेड्यूल को किसी की मर्जी या पसंद के आधार पर बदलना संभव नहीं होता। BCCI के अनुसार, मौजूदा सीरीज और टूर्नामेंट्स में लगातार सभी दिनों में तीन-तीन मैच निर्धारित हैं, ऐसे में किसी एक मुकाबले को इधर-उधर करना व्यवहारिक रूप से बेहद मुश्किल हो जाता है।
BCCI का कहना है कि कई मैच अलग-अलग देशों में आयोजित हो रहे हैं, जिनमें से कुछ मुकाबले श्रीलंका जैसे विदेशी स्थलों पर हैं, जहां पहले से ब्रॉडकास्ट क्रू, तकनीकी स्टाफ और प्रोडक्शन टीम मौजूद है। ऐसे में शेड्यूल में बदलाव सिर्फ तारीख बदलने तक सीमित नहीं होता, बल्कि इससे पूरी प्रसारण व्यवस्था प्रभावित होती है।
सभी पर सीधा असर पड़ता है। विरोधी टीमों के लिए पहले से ट्रैवल और ठहरने की पूरी व्यवस्था तय होती है, ऐसे में अंतिम समय पर बदलाव करना लॉजिस्टिक नाइटमेयर बन जाता है।
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ब्रॉडकास्ट और कमर्शियल एंगल
BCCI ने यह भी संकेत दिया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक बड़ा कमर्शियल इकोसिस्टम है। ब्रॉडकास्ट शेड्यूल, विज्ञापन स्लॉट और वैश्विक टाइम-जोन को ध्यान में रखकर मैच फिक्स किए जाते हैं। ऐसे में किसी एक मैच में बदलाव का असर पूरे टूर्नामेंट प्लान पर पड़ सकता है।
क्यों अहम है BCCI का यह बयान?
क्रिकेट विश्लेषकों के मुताबिक, BCCI का यह रुख उन बहसों पर विराम लगाने की कोशिश है, जिनमें बार-बार शेड्यूल बदलाव की मांग उठती रही है। बोर्ड का स्पष्ट संदेश है कि शेड्यूलिंग फैसले रणनीतिक और व्यावहारिक मजबूरियों के आधार पर लिए जाते हैं, न कि व्यक्तिगत इच्छाओं पर।
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