देश में हाल ही में जैन समाज के खिलाफ बढ़ते हमलों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर भाजपा सरकारों को कटघरे में खड़ा किया।
अखिलेश यादव ने कहा कि जैन समाज के साथ हो रही घटनाएं केवल संयोग नहीं हैं, बल्कि एक सुनियोजित विद्वेष की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसी भाजपा शासित सरकारों में जैन मंदिरों और समुदाय के विरुद्ध हो रही घटनाओं का उदाहरण देते हुए इन पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
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घटनाओं की कड़ी में शामिल हैं:
सिंगोली (मप्र) में जैन मुनियों पर शारीरिक हमला
जबलपुर में लीक ऑडियो में जैनियों पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ
मुंबई में जैन मंदिर का ध्वस्तीकरण और धार्मिक ग्रंथों का अपमान
गुजरात के गिरनारजी मंदिर विवाद
झारखंड के सम्मेद शिखरजी पर आपत्तिजनक सरकारी हस्तक्षेप
नीमच (मप्र) में भंवरलाल जैन की हत्या
अखिलेश यादव का आरोप:
“भाजपा की नजर केवल जैनियों से चंदा लेने तक सीमित है। जब हम विरोध करते हैं तो माफ़ी माँगने का नाटक किया जाता है, लेकिन जैन धर्म, उसकी परंपराओं और समुदाय के सम्मान को हुई क्षति की भरपाई कोई नहीं कर सकता।”
उन्होंने जैन समाज को एक शांतिप्रिय, सहनशील और “जियो और जीने दो” की भावना वाला समुदाय बताते हुए कहा कि भाजपा समर्थित ताकतें उनके धर्म, व्यापार और संपत्ति पर नज़र गड़ाए हुए हैं।
समर्थन का संदेश:
अखिलेश यादव ने अंत में स्पष्ट किया कि “हम सब जैन समाज के साथ हैं।” उन्होंने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा, “भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं।”
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