नई दिल्ली:भारतीय वायुसेना (IAF) के उप प्रमुख (Vice Chief of the Air Staff) एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी 31 दिसंबर 2025 को चार दशकों की विशिष्ट और गौरवशाली सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए। उनके सेवानिवृत्त होने के साथ ही भारतीय वायुसेना के एक ऐसे युग का समापन हुआ, जिसने नेतृत्व, पेशेवर उत्कृष्टता और परिचालन क्षमता के नए मानक स्थापित किए।

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एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी को 7 जून 1986 को भारतीय वायुसेना में कमीशन मिला था। वह एक अत्यंत अनुभवी फाइटर पायलट और टेस्ट पायलट रहे हैं, जिन्होंने अपने करियर के दौरान कई अहम और रणनीतिक जिम्मेदारियां निभाईं। उनकी गिनती वायुसेना के सबसे कुशल और दूरदर्शी अधिकारियों में की जाती रही है।

अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान (South Western Air Command) के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती प्रदान की। उनके नेतृत्व में परिचालन तत्परता, प्रशिक्षण प्रणाली और रणनीतिक योजना को नई दिशा मिली।

एयर मार्शल तिवारी प्रतिष्ठित संस्थानों RIMC, नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) और अमेरिका के Air Command & Staff College के पूर्व छात्र रहे हैं। उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक (SYSM), परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM), अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और वायु सेना पदक (VM) से सम्मानित किया गया।

भारतीय वायुसेना में उनका योगदान केवल पदों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने आने वाली पीढ़ी के अधिकारियों के लिए अनुशासन, नेतृत्व और परिचालन उत्कृष्टता की एक स्थायी विरासत छोड़ी है। उनके सेवानिवृत्त होने पर रक्षा प्रतिष्ठान और सैन्य समुदाय ने उनके योगदान को राष्ट्र के लिए अमूल्य बताया है।

GB NEWS INDIA | Category: दिल्ली

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