अफगानिस्तान प्रीमियर लीग (APL) का दूसरा संस्करण दिसंबर 2026 के अंत में United Arab Emirates (UAE) में आयोजित होने वाला है। आठ साल बाद लीग की वापसी के साथ कई विदेशी सितारे इस मंच पर खेलने की उम्मीद में हैं, परंतु इस बार पाकिस्तान के कोई भी खिलाड़ी इस लीग में नहीं दिखेंगे। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अपने खिलाड़ियों को APL में भाग लेने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने से मना कर दिया है।
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APL का इतिहास और इस बार की तैयारी
APL पहली बार 2018 में शुरू हुआ था, परन्तु केवल एक सीजन के बाद इसे रोक देना पड़ा। अब अफगान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने इस लीग को पुनः लॉन्च करने का फैसला किया है और इसे अधिक सफल बनाने के लिए विदेशी खिलाड़ियों की बड़ी संख्या को आकर्षित करने की योजना बना रहा है। लीग के सभी मैच UAE में खेले जाएंगे और खिलाड़ियों का ऑक्शन अभी शेष है।
PCB की प्रतिबंध की पृष्ठभूमि
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, PCB ने अपने खिलाड़ियों को APL में खेलने के लिए NOC देने से इनकार कर दिया है। बोर्ड ने स्पष्ट कारण नहीं बताया, परन्तु दो मुख्य बिंदु सामने आए हैं:
- बोर्ड की लीग नीति: पिछले दो‑तीन वर्षों में PCB ने एक नीति लागू की थी, जिसके तहत सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों को एक कैलेंडर वर्ष में दो से अधिक विदेशी T20 लीग में खेलने की अनुमति नहीं दी जाती।
- राजनीतिक तनाव: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य टकराव, जैसे मार्च 2026 में हुई गोलाबारी और पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए हवाई हमले, इस निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं।
क्या नीति ही कारण है?
PCB की नीति के अनुसार, केवल सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों पर प्रतिबंध है। टेस्ट और ODI में नियमित रूप से खेलते हुए, लेकिन T20 में विशेष रूप से अनुबंधित न होने वाले खिलाड़ियों को इस प्रतिबंध से मुक्त माना जाता है। फिर भी, APL में भाग लेने की इच्छा रखने वाले कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भी NOC नहीं मिला है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या यह केवल नीति का पालन है या दो देशों के बिगड़ते रिश्तों का असर है।
मुख्य बातें
- APL का दूसरा सीजन दिसंबर 2026 के अंत में UAE में आयोजित होगा।
- लीग के लिए अभी खिलाड़ियों का ऑक्शन बाकी है; वर्तमान पूल में कोई भी पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं है।
- PCB ने अपने खिलाड़ियों को APL में खेलने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने से मना कर दिया है।
- PCB की नीति के तहत सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों को एक वर्ष में दो से अधिक विदेशी T20 लीग में खेलने की अनुमति नहीं है।
- अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य टकराव इस निर्णय में संभावित भूमिका निभा सकते हैं।
आगे क्या हो सकता है?
यदि PCB अपनी नीति में बदलाव नहीं करता या दो देशों के बीच संबंधों में सुधार नहीं होता, तो भविष्य में भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को APL जैसे पड़ोसी देशों की लीग में भाग लेने से रोका जा सकता है। दूसरी ओर, ACB ने लीग को सफल बनाने के लिए कई अंतरराष्ट्रीय सितारों को आकर्षित करने की योजना बनाई है, जिससे APL का स्तर बढ़ेगा और अफगान क्रिकेट को नई ऊर्जा मिलेगी।
निष्कर्ष
APL की वापसी अफगान क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, परन्तु पाकिस्तान के खिलाड़ियों की अनुपस्थिति इस लीग की प्रतिस्पर्धात्मकता को प्रभावित कर सकती है। PCB की प्रतिबंध नीति और दो देशों के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव दोनों ही इस निर्णय के प्रमुख कारण प्रतीत होते हैं। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों बोर्ड अपने-अपने हितों को कैसे संतुलित करते हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यापक परिदृश्य में कैसे फिट होते हैं।
GB NEWS INDIA | Category: खेल

