Skip to content
Thursday, 05 November 2026|India
05 Novआज की खबरें
ऐप डाउनलोड
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़
खुर्जा में इस बार रामलीला मैदान में सजेंगी पटाखों की दुकानें, नियम तोड़े तो तुरंत रद्द होगी परमिशन•खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: बुलंदशहर में 10 कुंतल नकली पनीर जब्त, निरस्त लाइसेंस के बाद भी रिफाइंड व मिल्क पाउडर से बनाया जा रहा था जहर•अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, भारतीय शेयर बाजार में उछाल•सुप्रीम कोर्ट ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स के घर खरीदारों को राहत दी, मालिकाना हक के दस्तावेज़ जारी करने की अनुमति•खुर्जा में ऑटो सवार व्यापारी को नशीला पदार्थ सुंघाकर मोबाइल और नकदी चोरी, पुलिस जांच में जुटी•सिलचर-ओखा एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी में 2.75 लाख की चोरी, इमरजेंसी चेन खींचने पर भी नहीं मिली RPF मदद•श्रीगंगानगर रेलवे ट्रैक ब्लास्ट: जांच में ISI, शहजाद भट्टी और खुरासान मॉड्यूल के एंगल•इंदौर में ड्रिंक‑एंड‑ड्राइव जांच पर व्यापारी ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप, सीएम हेल्पलाइन पर की शिकायतखुर्जा में इस बार रामलीला मैदान में सजेंगी पटाखों की दुकानें, नियम तोड़े तो तुरंत रद्द होगी परमिशन•खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई: बुलंदशहर में 10 कुंतल नकली पनीर जब्त, निरस्त लाइसेंस के बाद भी रिफाइंड व मिल्क पाउडर से बनाया जा रहा था जहर•अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, भारतीय शेयर बाजार में उछाल•सुप्रीम कोर्ट ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स के घर खरीदारों को राहत दी, मालिकाना हक के दस्तावेज़ जारी करने की अनुमति•खुर्जा में ऑटो सवार व्यापारी को नशीला पदार्थ सुंघाकर मोबाइल और नकदी चोरी, पुलिस जांच में जुटी•सिलचर-ओखा एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी में 2.75 लाख की चोरी, इमरजेंसी चेन खींचने पर भी नहीं मिली RPF मदद•श्रीगंगानगर रेलवे ट्रैक ब्लास्ट: जांच में ISI, शहजाद भट्टी और खुरासान मॉड्यूल के एंगल•इंदौर में ड्रिंक‑एंड‑ड्राइव जांच पर व्यापारी ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप, सीएम हेल्पलाइन पर की शिकायत
विज्ञापन
Home » 72 साल के बुजुर्ग की खांसी का रहस्य: फेफड़े में ट्यूमर नहीं, दांत फंसा था
Health

72 साल के बुजुर्ग की खांसी का रहस्य: फेफड़े में ट्यूमर नहीं, दांत फंसा था

2 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 05 Nov 2026• अपडेट 04 Nov 2026
GB News India ऐप डाउनलोड करेंGoogle Play Store पर उपलब्ध
72 साल के बुजुर्ग की खांसी का रहस्य: फेफड़े में ट्यूमर नहीं, दांत फंसा था
72 साल के बुजुर्ग को महीनों से खांसी और बार‑बार इन्फेक्शन की शिकायत थी। CT स्कैन में फेफड़े के नीचे ब्लॉकेज दिखा, जिससे डॉक्टरों को ट्यूमर का संदेह हुआ। लेकिन ब्रोंकोस्कोपी के…

एक 72 साल के बुजुर्ग को लगातार खांसी, कफ और बार‑बार श्वसन नली में इन्फेक्शन की समस्या से जूझना पड़ रहा था। कई डॉक्टरों ने फेफड़े में ट्यूमर का संदेह जताया, लेकिन अंत में एक अनोखा कारण सामने आया – श्वसन नली में फंसा एक इंसानी दांत।

लक्षण और प्रारम्भिक जांच

बुजुर्ग को महीनों से कफ वाली खांसी और सीने में बार‑बार इन्फेक्शन की शिकायत थी। डॉक्टरों ने लक्षणों को देखते हुए फेफड़े के ट्यूमर की संभावना पर विचार किया। आगे की जांच के लिए CT स्कैन किया गया, जिसमें दाहिने फेफड़े के नीचे स्थित श्वसन नली (ब्रॉन्कस) पूरी तरह बंद पाई गई और सूजन के संकेत दिखे।

ब्रोंकोस्कोपी के दौरान आश्चर्यजनक खोज

डॉक्टरों ने ब्रोंकोस्कोपी (सांस की नली में कैमरा डालकर निरीक्षण) के दौरान लाल‑रंग की सूजी हुई गांठ देखी। इसे दुर्लभ ट्यूमर मानते हुए, विशेष उपकरण से गांठ को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। गांठ को साफ करने पर अंदर एक सख्त, सफेद वस्तु मिली – जो कोई ट्यूमर नहीं, बल्कि एक इंसानी दांत था।

दांत कैसे पहुँचा फेफड़े तक?

बुजुर्ग ने बताया कि लगभग तीन साल पहले वह बेहोश हो गया था। उस समय उसका एक दांत टूट गया और वह अनजाने में श्वसन नली में चला गया। दांत फंसा रहा, जिससे लगातार जलन, सूजन और इन्फेक्शन हुए, जो ट्यूमर जैसा रूप ले रहा था।

आपके लिए संबंधित खबरें

उपचार के बाद सुधार

दांत को निकालने के बाद बुजुर्ग की तबीयत में तेज़ सुधार हुआ। खांसी और इन्फेक्शन की समस्या घट गई, और वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया। यह केस दर्शाता है कि बड़ों में कभी‑कभी श्वसन नली में फंसी छोटी वस्तु भी गंभीर लक्षण पैदा कर सकती है, जिसे ट्यूमर के रूप में गलत समझा जा सकता है।

मुख्य बातें

  • 72 साल के बुजुर्ग को महीनों से खांसी और बार‑बार श्वसन नली में इन्फेक्शन की समस्या थी।
  • CT स्कैन में दाहिने फेफड़े के नीचे ब्लॉकेज और सूजन दिखी, जिससे ट्यूमर का संदेह हुआ।
  • ब्रोंकोस्कोपी के दौरान लाल‑रंग की गांठ हटाई गई, लेकिन अंदर इंसानी दांत मिला।
  • दांत लगभग तीन साल पहले टूट कर श्वसन नली में फँसा था, जिससे लगातार जलन और इन्फेक्शन हुए।
  • दांत निकालने के बाद रोगी की स्वास्थ्य स्थिति में तेज़ सुधार हुआ।

विशेषज्ञों की टिप्पणी

रिसर्चर्स ने कहा कि बुजुर्गों में श्वसन नली में फँसी वस्तुएँ कई बार ट्यूमर जैसा रूप ले लेती हैं, जिससे निदान में कठिनाई होती है। इसलिए विस्तृत जांच और ब्रोंकोस्कोपी जैसी प्रत्यक्ष विधियों का उपयोग आवश्यक है।

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook X Telegram
💬 0 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ

0

अपनी टिप्पणी लिखें

Your email address will not be published. Required fields are marked *