अलीगढ़, 28 अप्रैल 2021 ।

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जनपद में कोरोना संक्रमण का फैलाव लगातार बढ़ रहा है । संक्रमण की जद में आने के बाद मुसीबतों का सिलसिला शुरू हो जाता है । इस वक़्त कोरोना ऑक्सीजन की समस्या को देखते हुए चिकित्सकों का कहना है कि बुखार और कोविड से मिलते जुलते लक्षण दिखते ही अगर मरीज सावधान हो जाए और चिकित्सकों से संपर्क कर दवा लेना शुरू कर दे तो उन्हें कोविड होने की स्थिति में ऑक्सीजन की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी । ऐसे में सिर्फ उन्हीं मरीजों की हालत गंभीर हो रही है । जिन्होंने कोरोना के शुरुआती लक्षण को लापरवाही में नजरअंदाज कर दिया था ।

 

कोरोना मरीजों के इलाज में लगे पंडित दीन दयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी डॉ अंकुर अग्रवाल का कहना है कि कोरोना से निपटना बहुत आसान है । वर्तमान में सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद है ‌। निजी अस्पतालों में खासी, बुखार, जुकाम के मरीज पहुंच रहे हैं । बुखार या खांसी की शुरुआत होते ही खासकर ग्रामीण इलाकों के लोग या तो इसे नजरअंदाज कर देते हैं या फिर अप्रशिक्षित डॉक्टर के चुंगल में फंस जाते हैं । इसके चलते उन्हें सही इलाज नहीं मिल पाता है । तीन से चार दिन गलत इलाज के चलते उनके फेफड़ों में संक्रमण फैल जाता है ‌। इसके बाद वह चिकित्सक के पास पहुंचते हैं, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है ।

 

डॉ अंकुर अग्रवाल का कहना है कि कोरोना के लक्षण दिखते ही चिकित्सक कि देखरेख में इलाज शुरू करने से अधिकतर लोग ठीक हो रहे हैं । इसके इलाज के लिए सरकारी गाइडलाइन के तहत होने वाला इलाज ही काफी कारगर है ।

 

बिना घबराए चिकित्सक से करें संपर्क:

 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बी.पी सिंह का कहना है कि बुखार या बदन दर्द के लक्षण देखने के बाद एक से दो दिन के अंदर जो भी इलाज के लिए अस्पताल पहुंच गया तो उसे ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ सकती । शुुुरुआती लक्षण के बाद बिना घबराए लोग तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें, ऐसा करने से कोरोना संक्रमण होने अधिक नुकसान नहीं पहुंचा सकेगा ।

 

डॉ अंकुर ने बताया की अस्पताल में सभी डॉ नर्सेज वार्ड बॉयवार्ड, आया व सफाई कर्मचारी दिन रात एक होकर कोरोना संक्रमण से ग्रसित मरीजों की सेवा पूर्ण निष्ठा से उनकी सेवा कर रहे है । जिसके फलस्वरूप अत्यधिक संख्या में कोरोना मरीज़ स्वस्थ्य होकर अपने घर वापस जा रहे है। वह सभी 24 घंटे मरीजों की सेवा एवं इलाज में अपने संक्रमित होने का डर किनारे कर मरीजों की देखभाल कर रहे है ।

 

सावधानी बरतें व कोविड-19 के नियमों का पालन करते रहे:

आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी डॉ अंकुर अग्रवाल ने बताया कि वैक्सीन से कोरोना के बचाव के लिए बहुत मजबूत प्रोटेक्शन मिल रही है । संक्रमण वैक्सीन लगने के बाद भी हो सकता है, लेकिन यह जानलेवा नहीं हो पाएगा । बचाव के चार तरीकों पर अमल करें । यह तरीके वही हैं जिन्हें पहले से बताया भी जा रहा है । मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन और साबुन से नियमित हाथ धोएं ।

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