गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा व छाया पर दो दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

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अलीगढ़, 16 फरवरी 2022।

 

जिले के मोहनलाल गौतम राजकीय महिला चिकित्सालय में गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा व छाया पर दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला में एमबीबीएस चिकित्सक को गर्भनिरोधक साधन के फायदों के बारे में जानकारी दी गई। बुधवार को इस मौके पर सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ, डिप्टी सीएमओ डॉ. खान चंद व मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. रेनू शर्मा द्वारा चिकित्सक को प्रमाणपत्र बांटे गए।

 

सीएमओ डॉ. नीरज ने बताया कि महिलाओं को लम्बे समय तक गर्भधारण से बचाव के लिए गर्भनिरोधक साधन जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर समय समय पर अंतरा व छाया की सेवा उपलब्ध कर रहा है। इसके लिए चिकित्सक को जिले स्तर पर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

 

डिप्टी सीएमओ डॉ खान चंद ने कहा कि इन आधुनिक साधनों मे अंतरा इंजेक्शन व छाया गोली परिवार नियोजन करने में काफी सहायक साबित हो रही है। यह एक आधुनिक एवं अस्थाई तिमाही गर्भ निरोधक साधन है। इस विधि को शुरू करने से पहले प्रशिक्षित डॉक्टर द्वारा जांच कराना अत्यंत आवश्यक है। लंबे समय तक गर्भ से बचाव के लिए इसको हर तीन महीने पर लगवाना चाहिए।

 

जिला चिकित्सालय की गायनोकोलॉजिस्ट कंसलटेंट डॉ उपासना गोविंद ने एमबीबीएस चिकित्सक को बताया कि दूध पिलाती मां प्रसव के 6 सप्ताह बाद अंतरा अपना सकती हैं। इससे दूध की मात्रा और गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जो महिलाएं गर्भ निरोधक गोली नहीं खा सकतीं वे इसका इस्तेमाल कर सकतीं हैं। इससे संबंध बनाने में किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी और कुछ मामलों में ये माहवारी के दौरान होने वाली ऐठन को भी कम करता है। न्यू कांट्रासेप्टिव पिल्स यानी गर्भनिरोधक गोलियां भी महिलाओं द्वारा अपनाया जाने वाले एक अस्थाई विकल्प है। प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग को छाया नामक साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोलियां उपलब्ध कराई हैं।

 

गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. चंचल वाष्र्णेय का कहना है कि छाया गर्भनिरोधक गोलियां का सेवन तीन माह तक सप्ताह में दो बार तथा उसके बाद केवल सप्ताह में एक बार ही खाना होगा। वे दंपत्ति जिनका परिवार अभी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन अभी बच्चे नहीं चाहते हैं या दो बच्चों मे अंतर रखना चाहते हैं। अनचाहे गर्भधारण से बचने के लिए व प्रसव पश्चात, बच्चे को दूध पिलाने वाली माताएं 6 सप्ताह बाद अंतरा या छाया का उपयोग कर सकती हैं।

 

प्रशिक्षण में मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. रेनू शर्मा ने कहा कि ऐसी महिलाएं जिन्होंने पहली बार तिमाही गर्भ निरोधक अंतरा इंजेक्शन लगवाया है उन्हें निःशुल्क टोल फ्री नंबर 1800 103 3044 पर फोन करके अपना नाम पंजीकृत करवाना होता है जिससे समय समय पर अंतरा इंजेक्शन संबंधी परामर्श की सुविधा उन्हें मिलती रहे। महिलाओं का नाम पंजीकृत करवाने में क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता भी सहयोग करेंगी। इसके लिए आशा व लाभार्थी दोनों को 100-100 रूपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। इसके लिए जिला चिकित्सालय में बैंक की छाया प्रति और आधार कार्ड साथ में लेकर आएं।

 

सीनियर वरिष्ठ परिवार नियोजन विशेषज्ञ महरोज तसलीम सिद्दीकी ने बताया कि अगले दो माह में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं उप केन्द्रों पर न्यू कांट्रासेप्टिव की सुविधा उपलब्ध कराना है। जिसके लिए सभी चिकित्साधिकारी आयूष डॉक्टर, सीएचओ एवं एएनएम का प्रशिक्षण किया जा रहा है।

 

कार्यशाला में सीनियर वरिष्ठ परिवार नियोजन विशेषज्ञ महरोज तसलीम सिद्दीकी व फैमली प्लानिंग लॉजिस्टिक मैनेजर वैभव मिश्रा तथा जिला चिकित्सालय का अन्य स्टाफ मौजूद रहे।

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