Skip to content
Tuesday, 13 October 2026|India
13 Octआज की खबरें
ऐप डाउनलोड
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़
हूती के लगातार हमलों के बाद भी सऊदी के एअर डिफेंस सिस्टम पर सवाल•तरंग शक्ति 2026: जोधपुर में गरज रहे राफेल, F-35 और F-16 जैसे विश्व के शक्तिशाली विमान•बुलंदशहर रामलीला में अश्लील डांस का वीडियो वायरल उठे सवाल•हूती हमलों से सऊदी क्राउन प्रिंस की सुरक्षा: महलों से बंकर तक का सफर•सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के आपराधिक मानहानि केस पर कार्यवाही पर रोक लगाई•आरजे मिट्टे का 34 वर्ष की आयु में निधन, सेरेब्रल पॅल्सी से थे पीड़ित•संयुक्त किसान मोर्चा ने 23 अक्टूबर को पूरे भारत में SIR विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया•शिमला में बढ़ते भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा, 77 करोड़ का आपदा प्रबंधन योजना फाइलों में फँसाहूती के लगातार हमलों के बाद भी सऊदी के एअर डिफेंस सिस्टम पर सवाल•तरंग शक्ति 2026: जोधपुर में गरज रहे राफेल, F-35 और F-16 जैसे विश्व के शक्तिशाली विमान•बुलंदशहर रामलीला में अश्लील डांस का वीडियो वायरल उठे सवाल•हूती हमलों से सऊदी क्राउन प्रिंस की सुरक्षा: महलों से बंकर तक का सफर•सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के आपराधिक मानहानि केस पर कार्यवाही पर रोक लगाई•आरजे मिट्टे का 34 वर्ष की आयु में निधन, सेरेब्रल पॅल्सी से थे पीड़ित•संयुक्त किसान मोर्चा ने 23 अक्टूबर को पूरे भारत में SIR विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया•शिमला में बढ़ते भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा, 77 करोड़ का आपदा प्रबंधन योजना फाइलों में फँसा
विज्ञापन
Home » आजाद हिंद सरकार के स्थापना दिवस पर सुभाष चंद्र बोस को किया गया याद
Breaking News

आजाद हिंद सरकार के स्थापना दिवस पर सुभाष चंद्र बोस को किया गया याद

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 21 Oct 2023• अपडेट 21 Oct 2023
GB News India ऐप डाउनलोड करेंGoogle Play Store पर उपलब्ध
आजाद हिंद सरकार के स्थापना दिवस पर सुभाष चंद्र बोस को किया गया याद   – 21 अक्टूबर वर्ष 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र…

आजाद हिंद सरकार के स्थापना दिवस पर सुभाष चंद्र बोस को किया गया याद

 

– 21 अक्टूबर वर्ष 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने की थी आजाद हिंद सरकार की स्थापना – अमित चौहान

 

आपके लिए संबंधित खबरें

बागपत, उत्तर प्रदेश। विवेक जैन।

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को आजाद हिंद सरकार के स्थापना दिवस पर जनपदभर में याद किया गया और उनको श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। गेटवे इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल एवं प्रमुख समाज सेवी अमित चौहान ने बताया कि नेताजी ने देश को आजाद कराने के लिए जापान के सहयोग से आजाद हिन्द फौज का गठन किया। अमित चौहान ने बताया कि 21 अक्टूबर वर्ष 1943 को सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में भारत की अनंतिम सरकार, आजाद हिंद सरकार की स्थापना की। सुभाष चंद्र बोस इस सरकार के अध्यक्ष, प्रधानमंत्री और सेनाध्यक्ष थे। अमित चौहान ने बताया कि आजाद हिंद सरकार को जर्मनी, जापान, फिलीपींस, कोरिया, चीन, इटली, मांचुकुओ और आयरलैंड़ सहित 11 देशों की सरकार द्वारा मान्यता दी गयी थी। अमित चौहान ने सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सुभाष चंद्र बोस के पिता जानकीदास बोस कटक शहर के मशहूर वकील थे। वह बंगाल विधानसभा के सदस्य भी रहे। अंग्रेजी सरकार ने जानकीदास बोस को रायबहादुर का खिताब दिया था। सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1919 में बीए ऑनर्स की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर कलकत्ता विश्वविद्यालय में दूसरा स्थान प्राप्त किया। सुभाष चन्द्र बोस ने लन्दन में वर्ष 1920 में आईसीएस में चौथा स्थान प्राप्त किया जो एक भारतीय के लिए उस दौर में बहुत बड़ी उपलब्धि थी। अमित चौहान ने कहा कि आईसीएस अधिकारी के रूप में अगर सुभाष चंद्र बोस चाहते तो अपना पूरा जीवन ऐश और आराम के साथ गुजार सकते थे, लेकिन वह देश से बहुत प्यार करते थे और अंग्रेजो द्वारा देशवासियों पर किये जा रहे अत्याचारों से बहुत अधिक व्यथित थे। वह जून वर्ष 1921 में मानसिक एवं नैतिक विज्ञान में ट्राइपास आनर्स की डिग्री प्राप्त करने के बाद लंदन से भारत आ गये और देशवासियों को अंग्रेजों के विरूद्ध एकजुट करने का कार्य किया। सुभाष चंद्र बोस ने देश के अनेकों आन्दोलनों और राजनीति में बढ़-चढ़कर भाग लिया। उस समय के सभी शीर्ष नेता और क्रांतिकारियों के साथ कार्य किया। धीरे-धीरे उनको समझ आ गया कि अंग्रेजों को अहिंसा की भाषा से सबक नही सिखाया जा सकता। उन्होंने अंग्रेजो से टक्कर लेने के लिए लोगों की आजाद हिंद फौज में भर्ती की और कई मोर्चो पर अंग्रेजो को भारी नुकसान पहुॅंचाया और देश के दुश्मनों से कुछ भारतीय क्षेत्रों को मुक्त कराया। नेताजी के कार्यो ने अनगिनत क्रांतिकारियों में एक अलग ही जोश भर दिया और क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी सरकार के विरूद्ध अपने हमले तेज कर दिये। अमित चौहान ने बताया कि नेताजी अंग्रेजों से संघर्ष करते हुए रहस्यमयी तरीके से गायब हो गये। कुछ लोगों का मानना था कि उनकी प्लेन एक्सीडेंट में मृत्यु हो गयी, कुछ लोग कहते है कि उनको दुश्मनों ने षड़यंत्र रचकर कैद कर लिया। अमित चौहान ने कहा कि इसमें कोई संदेह नही कि नेताजी ने देश की आजादी में जो योगदान दिया उसको युगों-युगों तक याद रखा जायेगा। उन्होंने देशवासियों से नेताजी के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेने की बात कही।

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook X Telegram
💬 0 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ

0

अपनी टिप्पणी लिखें

Your email address will not be published. Required fields are marked *