वृंदावन के प्रेमानंद आश्रम में शिष्य की संदिग्ध मौत और लापता युवक का रहस्य
3 मिनट में पढ़ें

वृंदावन के प्रेमानंद आश्रम में दो गंभीर घटनाएँ सामने आई हैं। 25 सितंबर 2026 को आश्रम से जुड़े केलीकुंज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर 25‑वर्षीय शिष्य दीपक लोधी (जिसे रसिक दुलारी शरण के नाम से भी जाना जाता था) की मृत्यु हुई, जबकि तीन महीने पहले उसी आश्रम में दीक्षा लेने वाले एक अन्य युवक का लापता होना अभी तक सुलझा नहीं है। इन घटनाओं ने आश्रम के माहौल और प्रबंधन पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है।
शिष्य दीपक लोधी की संदिग्ध मौत
केलीकुंज अपार्टमेंट में 25 सितंबर 2026 को दीपक लोधी की चौथी मंजिल से गिरने की घटना दर्ज की गई। प्रारम्भिक जांच में कमरे से खून‑से‑सना ग्राइंडर मिलने की सूचना मिली, जिससे मौत की परिस्थितियों को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ। पुलिस ने मामले को फौरन दर्ज किया और आश्रम प्रबंधन से सहयोग की मांग की।
जांच के प्रमुख बिंदु
- घटना स्थल पर खून‑से‑सना ग्राइंडर मिला।
- शिष्य की गिरावट के कारण और गिरने की दिशा पर प्रारम्भिक सर्वेक्षण जारी है।
- पुलिस ने आश्रम के भीतर सुरक्षा उपायों की समीक्षा का आदेश दिया।
तीन महीने पहले लापता युवक का मामला
दीपक लोधी की मौत से लगभग तीन महीने पहले, उसी आश्रम में दीक्षा लेने वाले एक अन्य युवक का लापता होना रिपोर्ट किया गया था। उसके पिता, राजवीर, ने आश्रम प्रबंधन और स्थानीय पुलिस पर सुनवाई न करने का आरोप लगाया। इस मामले में अभी तक कोई ठोस सूचना या खोज रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।
पिता का आरोप और मांगें
- आश्रय प्रबंधन से तुरंत सूचना प्रदान करने की मांग।
- पुलिस को लापता युवक की खोज में सक्रिय कदम उठाने का आग्रह।
- आश्रय में दीक्षा कार्यक्रम और टोकन‑आधारित दर्शन को अनिश्चितकाल के लिए रोकने की अपील।
आश्रय में तत्काल कदम
घटनाओं के बाद, प्रेमानंद आश्रम ने दीक्षा कार्यक्रम और टोकन‑आधारित दर्शन को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया है। आश्रम प्रबंधन ने कहा कि यह कदम सुरक्षा और जांच के लिए आवश्यक है।
आपके लिए संबंधित खबरें
मुख्य बातें
- 25 सितंबर 2026 को केलीकुंज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से शिष्य दीपक लोधी गिरकर मर गया।
- कमरे में खून‑से‑सना ग्राइंडर मिला, जिससे मौत की परिस्थितियों पर संदेह उत्पन्न हुआ।
- तीन महीने पहले आश्रम में दीक्षा लेने वाले एक युवक का लापता होना अभी तक अनसुलझा है।
- पिता राजवीर ने आश्रम प्रबंधन और पुलिस पर सुनवाई न करने का आरोप लगाया।
- आश्रय ने दीक्षा कार्यक्रम और टोकन‑दर्शन को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया है।
वर्तमान में पुलिस की जांच जारी है और आश्रम के भीतर सुरक्षा उपायों की पुनर्समीक्षा की जा रही है। आगे की जानकारी के लिए स्थानीय अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।




टिप्पणियाँ
0