नैनीताल ट्रिप पर निकले नेशनल बास्केटबॉल खिलाड़ी यतीश यादव की डंपर टक्कर में मौत, पत्नी शीतल गंभीर रूप से घायल
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गाजियाबाद के 24 वर्षीय नेशनल बास्केटबॉल खिलाड़ी यतीश यादव और उनकी डॉक्टर पत्नी शीतल की खुशी की यात्रा, नैनीताल की ओर निकलते समय एक भयानक डंपर टक्कर में समाप्त हो गई। 2 अक्टूबर की देर रात लगभग 1 बजकर 20 मिनट पर रामनगर‑कासगंज के बीच स्थित पीरूमदारा से आगे चौधरी ढाबे के पास डंपर ने उनकी नई स्कॉर्पियो को ज़ोरदार टक्कर मार दी, जिससे यतीश की मौके पर ही मौत हो गई और शीतल गंभीर रूप से घायल हो गई।
घटना का विवरण
यतीश यादव, जो गाजियाबाद के शाहपुर बमेठा (थाना वेव सिटी) के निवासी हैं, राष्ट्रीय स्तर पर 2021 में बास्केटबॉल प्रतियोगिता के विजेता रहे थे। वह एक निजी स्कूल में शिक्षक के साथ-साथ बच्चों को बास्केटबॉल कोचिंग भी देते थे। उनकी पत्नी शीतल, डॉक्टर पेशे से जुड़ी हैं। दोनों ने साथ में नई स्कॉर्पियो से काशीपुर‑रामनगर होते हुए नैनीताल की यात्रा शुरू की थी।
ड्राइव के दौरान, पीरूमदारा से आगे चौधरी ढाबे के पास एक डंपर सामने से आकर उनकी कार में टक्कर मार गया। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि यतीश की तुरंत मृत्यु हो गई। शीतल को गंभीर चोटें आईं, जिससे उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद दिल्ली‑NCR के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिवार और मित्रों की प्रतिक्रिया
घटना की खबर मिलते ही यतीश के पिता, सुरेश चंद्र यादव, ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि डंपर चालक ने ओवरटेक करते समय गलत दिशा में आकर उनकी गाड़ी में टक्कर मारी। परिजनों ने निष्पक्ष जांच और डंपर चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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पुलिस की कार्रवाई
स्थानीय पुलिस ने घटना स्थल पर फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। डंपर चालक की पहचान और ओवरटेकिंग के समय की गति की जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के बाद डंपर चालक को तुरंत रोक लिया गया और वह वर्तमान में पूछताछ के अधीन है।
यतीश यादव की खेल उपलब्धियां
यतीश ने 2021 में नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में विजयी पद हासिल किया था, जिससे वह राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बने। उनके कोचिंग सत्रों में कई युवा खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया। उनकी अचानक मृत्यु खेल जगत में एक बड़ा शोक संदेश बन गई है।
शीतल की चिकित्सा स्थिति
डॉक्टर शीतल को टक्कर में सिर, गर्दन और पेट में गंभीर चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दिल्ली‑NCR के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उन्हें सर्जिकल देखभाल और इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में निगरानी मिल रही है। अस्पताल ने बताया कि उनकी स्थिति स्थिर है, परन्तु पूरी तरह से ठीक होने में कई हफ्ते लग सकते हैं।
मुख्य बातें
- घटना: 2 अक्टूबर, रात 1:20 बजे, रामनगर‑कासगंज के बीच डंपर टक्कर
- पीड़ित: नेशनल बास्केटबॉल खिलाड़ी यतीश यादव (24) – मौके पर मृत्यु
- पीड़ित: डॉक्टर शीतल यादव – गंभीर रूप से घायल, दिल्ली‑NCR के निजी अस्पताल में भर्ती
- ड्राइविंग वाहन: नई स्कॉर्पियो, काशीपुर‑रामनगर मार्ग
- डंपर चालक पर ओवरटेकिंग और लापरवाही का आरोप
- पुलिस जांच: फोरेंसिक, चालक की पहचान, गति जांच जारी
- परिवार की मांग: निष्पक्ष जांच, कड़ी कार्रवाई
सड़क सुरक्षा पर पुनः विचार
इस दुखद घटना ने फिर से सड़क सुरक्षा, ओवरटेकिंग नियमों और भारी वाहनों की गति नियंत्रण की आवश्यकता को उजागर किया है। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी और डॉक्टर दोनों ही इस दुर्घटना के शिकार हुए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कोई भी वर्ग या पेशा सड़क सुरक्षा के नियमों से मुक्त नहीं है। स्थानीय प्रशासन से अपील है कि डंपर जैसे भारी वाहनों के लिए विशेष लेन और गति सीमा लागू की जाए, तथा ओवरटेकिंग के दौरान सख्त निगरानी रखी जाए।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने कहा कि जांच के परिणाम आने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, दुर्घटना स्थल पर सुरक्षा संकेतक और रडार कैमरा स्थापित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
यतीश यादव की अचानक मृत्यु और शीतल की गंभीर चोटें उनके परिवार, मित्रों और खेल जगत के लिए गहरा शोक है। इस घटना से सीख लेकर सड़क सुरक्षा के नियमों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता पर सभी का ध्यान केंद्रित होना चाहिए।




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