कफ सिरप कांड के मास्टरमाइंड वरुण सिंह भारत में ही छिपे, दुबई का अनुमान खंडित
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कफ सिरप कांड में शामिल प्रमुख शख्सियतों में से एक वरुण सिंह का स्थान अब स्पष्ट हो गया है। प्रारम्भिक जांच में उनका दुबई में रहने का अनुमान लगाया गया था, परन्तु आगे की जाँच से पता चला कि वह भारत में ही छिपा हुआ है। यह खुलासा कांड के सन्दर्भ में नई दिशा प्रदान करता है और जांच एजेंसियों के कार्य में नई चुनौतियों को उजागर करता है।
पिछला अनुमान और नई जानकारी
शुरुआती चरण में, कई जांच एजेंसियों ने कहा था कि वरुण सिंह, जो कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार में शुभम जायसवाल के साझेदार थे, दुबई में स्थित है। यह अनुमान उनके सहयोगियों, विशेषकर गौरव जायसवाल और विशाल मेहरोत्रा के साथ उनके विदेश यात्रा के आधार पर बनाया गया था। परन्तु, विस्तृत पूछताछ और साक्षात्कार के बाद यह स्पष्ट हुआ कि वरुण सिंह ने दुबई की यात्रा के बाद बहुत पहले ही भारत लौट आया था।
वरुण सिंह की भूमिका और संचालन क्षेत्र
सिंडिकेट में वरुण सिंह की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने धनबाद और रांची में कफ सिरप के अवैध व्यापार को संचालित किया। STF की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी आलोक सिंह ने बताया कि उनकी बातचीत शुभम जायसवाल के साझेदार वरुण सिंह, गौरव जायसवाल और विशाल मेहरोत्रा से हुई थी। इस दौरान, जनवरी 2024 में धनबाद में आलोक के नाम पर “श्रेयसी मेडिकल एजेंसी” नामक फर्म स्थापित की गई, जिससे सिंडिकेट को वैध दिखाने के लिए फर्जी फर्मों का प्रयोग किया गया।
जांच की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में, वरुण सिंह को पकड़ से दूर माना जा रहा है और उनकी तलाश जारी है। STF ने बताया कि अब वे शुभम और गौरव को भारत लाने के लिए विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर रहे हैं। इस बीच, आलोक सिंह और अमित कुमार सिंह (उर्फ अमित टाटा) को जेल में बंद किया गया है, जिन्होंने इस व्यापार में पाँच‑पाँच लाख रुपये निवेश किए थे।
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मुख्य बातें
- वरुण सिंह को पहले दुबई में माना गया, पर अब पता चला कि वह भारत में ही छिपा है।
- वह धनबाद और रांची में कफ सिरप सिंडिकेट का संचालन करता था।
- आलोक सिंह ने STF को बताया कि वार्तालाप में वरुण, गौरव और विशाल का उल्लेख था।
- जनवरी 2024 में धनबाद में “श्रेयसी मेडिकल एजेंसी” फर्म स्थापित की गई।
- आलोक और अमित टाटा को जेल में बंद किया गया है; वरुण अभी भी फरार है।
भविष्य की संभावनाएँ
जांच एजेंसियों को अब वरुण सिंह को पकड़ने के लिए घरेलू स्तर पर अधिक सघन कार्यवाही करनी होगी। विदेश मंत्रालय के सहयोग से दुबई में उनके संभावित संपर्कों की जाँच जारी है, जबकि भारत में उनके छिपने के स्थानों की पहचान के लिए स्थानीय पुलिस और STF के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। इस कांड का निपटारा कफ सिरप के अवैध व्यापार को रोकने और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




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