वैशाली में गंगा में डूबी सरकारी नाव में 13 बच्चों की मौत, कारणों की जांच जारी
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बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम गंगा नदी में सरकारी नाव के डूबने से 13 बच्चों की मौत हो गई। सभी मृतकों की उम्र 15 वर्ष से कम बताई जा रही है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू किया और बिहार सरकार ने परिजनों को चार‑चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की।
घटना की पृष्ठभूमि
राघोपुर के रामपुर श्यामचंद गांव के पास स्थित एक सरकारी नाव, जो बाढ़ के दौरान गाँव को उपलब्ध कराई गई थी, कई सालों से जर्जर स्थिति में थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, नाव की मरम्मत के बाद भी वह उपयोग में लाई जा रही थी। मंगलवार को लगभग 20‑22 बच्चे श्राद्ध का भोज खाने के लिए गंगा पार करने निकले। नाव ने कुछ दूरी तय करने के बाद डगमगाना शुरू किया और अंततः पानी में डूब गई।
संभावित कारण
- नाव में दरार आना – जर्जर स्थिति के कारण पानी भरना।
- क्षमता से अधिक सवार – अनुमानित 20‑22 बच्चों ने नाव पर सवार होने के कारण ओवरलोड की संभावना।
इन दोनों संभावनाओं की पुष्टि के लिए पुलिस और संबंधित विभागों ने जांच शुरू कर दी है।
पीड़ितों की सूची और बचाव कार्य
मृतकों के नाम स्थानीय अधिकारियों ने सार्वजनिक किए हैं: मीरा कुमारी, निशु कुमारी, अनिशा कुमारी, सुनीता कुमारी, आर्यन कुमार, मोहन कुमार, अमृता कुमारी, अंकिता कुमारी, पिंकी कुमारी, नमन कुमार, सिकी कुमारी, भोनू कुमारी और सोनम कुमारी। तीन बच्चों – अनुष्का कुमारी, कार्तिक और पुटुस कुमार – को बचाया गया। लगभग आधा दर्जन घायल बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राघोपुर में प्राथमिक उपचार के बाद पटना के अस्पतालों में रेफर किया गया।
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बचाव एवं राहत
घटना की सूचना मिलने पर वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने तुरंत एसडीओ विशाल कुमार, एसडीपीओ सुबोध कुमार, पुलिस अधिकारी शुभांक मिश्रा और एसडीआरएफ टीम को अलर्ट किया। टीम ने नाव में फंसे बच्चों को बचाने के लिए जल बचाव उपकरण तैनात किए। एंबुलेंस की कमी के कारण ग्रामीणों ने घायलों को खाट पर लादकर स्वयं अस्पताल ले जाने का प्रयास किया।
परिवारों की प्रतिक्रिया और सरकारी सहायता
स्थानीय लोगों ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया और प्रशासन पर सुरक्षा उपायों की कमी का आरोप लगाया। कई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी वर्षा सिंह के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार‑चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया। हालांकि, यह सहायता शोकाकुल परिवारों के दर्द को पूरी तरह नहीं घटा पाएगी।
मुख्य बातें
- स्थान: राघोपुर थाना, वैशाली जिला, बिहार
- तारीख: मंगलवार शाम (स्रोत में सटीक तिथि नहीं)
- पीड़ित: 13 बच्चे (सभी 15 वर्ष से कम आयु)
- बचाए गए: 3 बच्चे
- संभावित कारण: जर्जर नाव में दरार या क्षमता से अधिक सवार
- सरकारी सहायता: परिजनों को चार‑चार लाख रुपये
- जांच: पुलिस एवं संबंधित विभागों द्वारा चल रही है
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने दुर्घटना स्थल की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है और नाव की तकनीकी स्थिति, रख‑रखाव रिकॉर्ड और ओवरलोड की सटीक संख्या का पता लगाने की कोशिश कर रही है। साथ ही, जिला प्रशासन ने बाढ़ के दौरान वितरित की गई सरकारी नौकों की सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने का आदेश दिया है।
स्थानीय समुदाय ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अधिक कड़ी सुरक्षा जांच और समय पर मरम्मत की मांग की है।




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