मुंबई की उर्मिला पाबले ने स्विट्जरलैंड में लहंगे में स्नोबोर्डिंग कर वायरल किया वीडियो
2 मिनट में पढ़ें

स्विट्जरलैंड के प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट माउंट टिटलिस पर एक अनोखा दृश्य देखे जाने को मिला – मुंबई की स्नोबोर्डर उर्मिला पाबले ने माइनस 5 डिग्री तापमान में पारंपरिक भारतीय लहंगा पहनकर स्नोबोर्डिंग की। उनका यह साहसी कदम इंटरनेट पर तेज़ी से फैलते हुए लाखों लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
उर्मिला पाबले का साहसिक स्टंट
उर्मिला पाबले, जो मुंबई की रहने वाली है, हाल ही में स्विट्जरलैंड के माउंट टिटलिस पर यात्रा कर रही थीं। आम तौर पर बर्फीले क्षेत्रों में भारी जैकेट और थर्मल गियर का उपयोग किया जाता है, पर उर्मिला ने एक बैंगनी रंग का लहंगा चुना और बिना किसी अतिरिक्त जैकेट के स्नोबोर्डिंग की। इस दौरान तापमान माइनस 5 डिग्री तक गिरा था, जिससे यह स्टंट और भी जोखिम भरा बन गया।
छिप-छिप कर किया गया प्रयास
उर्मिला ने बताया कि वह शाम के समय, जब रिसॉर्ट का सामान्य कामकाज बंद हो चुका था, सुरक्षा गश्त और स्नोकैट ऑपरेटरों की नजरों से बचते हुए इस स्टंट को अंजाम दिया। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि उन्होंने “रास्तों से हटकर आगे बढ़ी” और “खराब रोशनी और भारी मशीनों के बीच यह सफर किसी चुनौती से कम नहीं था”। उन्होंने यह भी कहा कि ठंड ने उन्हें “बुरी तरह ठिठकाया” लेकिन यह अनुभव उनके जीवन का सबसे यादगार रहा।
सोशल मीडिया पर मिली सराहना
उर्मिला का वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा होते ही वायरल हो गया। कुछ ही घंटों में इसे लाखों व्यूज़ मिल गए। कई यूज़र्स ने उनकी हिम्मत की प्रशंसा की, जबकि मशहूर अभिनेत्री लिसा हेडन ने टिप्पणी में “आप वाकई अविश्वसनीय हैं” लिखा। एक टिप्पणी में कहा गया, “यह लड़की बर्फीली हवा से भी ज्यादा कूल है।”
आपके लिए संबंधित खबरें
मुख्य बातें
- उर्मिला पाबले ने स्विट्जरलैंड के माउंट टिटलिस पर माइनस 5 डिग्री में लहंगा पहनकर स्नोबोर्डिंग की।
- सामान्य बर्फीले गियर की जगह उन्होंने बैंगनी लहंगा चुना, जिससे स्टंट का दृश्य अनोखा बना।
- स्टंट शाम के समय, जब रिसॉर्ट बंद था, सुरक्षा गश्त से बचते हुए किया गया।
- वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हुआ, लाखों व्यूज़ और कई सेलिब्रिटी की प्रशंसा मिली।
उर्मिला की यह पहल भारतीय पारंपरिक परिधान को अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर लाने का एक नया उदाहरण बन गई है। यह न केवल साहस का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का भी एक अनोखा तरीका है।




टिप्पणियाँ
0