चुनाव आयोग के घेराव पर दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, जंतर-मंतर व संसद के आसपास भारी पुलिस तैनाती
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इंडिया गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग के घेराव का ऐलान किया, जिसके बाद सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा को कड़ा किया गया। जंतर-मंतर, संसद भवन, अशोका रोड और पार्लियामेंट स्ट्रीट के आसपास दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की भारी तैनाती की गई है। कई प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक को रोक दिया गया है।
सुरक्षा उपायों का विस्तार
चुनाव आयोग के घेराव के बाद, दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जंतर-मंतर, संसद भवन, अशोका रोड और पार्लियामेंट स्ट्रीट के आसपास अतिरिक्त बल तैनात किया। इस तैनाती में दिल्ली पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स, विशेष रूप से केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के इकाइयाँ शामिल हैं।
बैरिकेडिंग और ट्रैफिक नियंत्रण
सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है। जंतर-मंतर के प्रवेश द्वार, संसद के मुख्य द्वार और अशोका रोड के कुछ हिस्सों पर सुरक्षा बाड़ें लगाई गई हैं। इन बाड़ों के कारण सामान्य ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ दिया गया है, जिससे आवागमन में अस्थायी व्यवधान उत्पन्न हुआ है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 का प्रयोग
जंतर-मंतर पर लगातार अनाउंसमेंट किया जा रहा है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BPSC) की धारा 163 लागू है। इस धारा के तहत पाँच या उससे अधिक लोगों के जुटने और धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध है। पुलिस ने इस नियम को लागू करने के लिए सार्वजनिक घोषणा की है और किसी भी बड़े समूह को रोकने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।
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मुख्य बातें
- इंडिया गठबंधन के नेताओं द्वारा चुनाव आयोग के घेराव के ऐलान के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई।
- जंतर-मंतर, संसद भवन, अशोका रोड और पार्लियामेंट स्ट्रीट के आसपास भारी पुलिस‑बल और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात।
- कई प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग कर ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा गया।
- जंतर-मंतर पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू, पाँच या अधिक लोगों के जुटने पर रोक।
इन सुरक्षा उपायों का उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और संभावित अशांति को रोकना है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है और कहा है कि सुरक्षा बलों की तैनाती के दौरान सामान्य जीवन में न्यूनतम व्यवधान रहेगा।




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