सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई, ECI के फैसलों को चुनौती और SIR पर रोक की मांग
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सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर को भारत ब्लॉक के नेताओं की याचिका पर सुनवाई निर्धारित की है। इस याचिका में चुनाव आयोग (ECI) के कई फैसलों को चुनौती दी गई है और विशेष रूप से स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया पर रोक की मांग की गई है। याचिका के मुख्य दावेदारों में प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी और अन्य 12 सदस्य शामिल हैं।
याचिका के मुख्य बिंदु
- ECI के फैसलों को चुनौती, विशेषकर वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर नाम हटाने को लेकर।
- SIR प्रक्रिया पर रोक, और 24 जून 2025 से शुरू हुए इस प्रक्रिया के सभी दस्तावेज़ों की अदालत में पेशी की मांग।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग।
- वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों की बूथ-वार लिस्ट और हटाने के कारणों को सार्वजनिक करने की मांग।
- वोटर लिस्ट से बिना नोटिस या सुनवाई के नाम हटाने पर पूर्ण रोक।
- संवैधानिक नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और ऑनलाइन फॉर्म‑6 के पुराने नियमों को पुनः लागू करने की मांग।
सुनवाई की प्रक्रिया और बेंच
सुप्रीम कोर्ट की बेंच में मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल हैं। यह बेंच याचिका की पूरी सुनवाई करेगी। पहले इस याचिका को 13 अक्टूबर को लिस्ट नहीं किया गया था क्योंकि रजिस्ट्री ने कुल 14 कमियों की ओर इशारा किया था, जिनमें पहचान से जुड़े अस्पष्ट दस्तावेज, गायब पृष्ठ, वकालतनामा की अनुपस्थिति और कोर्ट फीस में ₹220 की कमी शामिल थी। इन कमियों को ठीक करने के बाद याचिका को दर्ज किया गया और दो अतिरिक्त याचिकाकर्ताओं को शामिल कर कुल 13 दावेदार बन गए।
रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में स्वतंत्र कमेटी की मांग
विपक्ष ने यह भी माँगा है कि एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में तकनीकी विशेषज्ञों की स्वतंत्र कमेटी बनाई जाए। यह कमेटी वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों, EVM से जुड़ी तकनीकी प्रक्रियाओं और SIR के दौरान उपयोग किए गए ECINET एवं ERONET सिस्टम के दस्तावेज़ों का निष्पक्ष ऑडिट करेगी।
मुख्य बातें
- सुनवाई की तिथि: 15 अक्टूबर 2024
- बेंच: CJI सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची, जस्टिस वी. मोहना
- याचिकाकर्ता: राहुल गांधी सहित 13 लोग
- मुख्य मांगें: ECI के फैसलों की चुनौती, SIR पर रोक, वोटर लिस्ट में नाम हटाने की सार्वजनिकता, मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा
- रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में स्वतंत्र तकनीकी कमेटी की स्थापना की मांग
भविष्य की संभावनाएँ
यदि सुप्रीम कोर्ट इस याचिका को स्वीकार करता है तो ECI को अपने SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, वोटर लिस्ट में नाम हटाने की प्रक्रिया को सार्वजनिक करने और तकनीकी ऑडिट के लिए स्वतंत्र कमेटी स्थापित करने के निर्देश दे सकता है। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी राजनीतिक स्तर पर नई बहस को जन्म दे सकती है।
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निष्कर्ष
राहुल गांधी और उनके सहयोगियों द्वारा दायर यह याचिका भारतीय चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के परिणामों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और भविष्य की चुनावी रणनीतियों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।




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