Skip to content
Tuesday, 06 October 2026|India
06 Octआज की खबरें
LIVE TV
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़
लखनऊ एयरपोर्ट के पास टाटा प्रोजेक्ट के लेबर रूम में भीषण आग, दो घायल•मुस्लिम त्योहार कमेटी ने गरबा‑नवरात्रि में शांति व संयम की अपील•चुनाव आयोग के घेराव पर दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, जंतर-मंतर व संसद के आसपास भारी पुलिस तैनाती•विपक्ष के प्रदर्शन के कारण दिल्ली में ट्रैफिक एडवाइजरी: प्रमुख रास्तों पर डायवर्जन और सावधानियां•मुंबई के BEST अणिक डिपो में लगी भीषण आग, 10 नई AC CNG बसें जलकर खाक•हिंगोली में पटाखा गोदाम में भीषण आग, 2 की मौत और 10-12 गंभीर घायल•IGI एयरपोर्ट पर कस्टम्स ने 3 करोड़ रुपये की ज्वेलरी और कीमती पत्थर जब्त किए•खुर्जा में प्रशासन और प्रदूषण विभाग का कड़ा एक्शन, एनओसी न होने पर दो पॉटरी इकाइयां सीललखनऊ एयरपोर्ट के पास टाटा प्रोजेक्ट के लेबर रूम में भीषण आग, दो घायल•मुस्लिम त्योहार कमेटी ने गरबा‑नवरात्रि में शांति व संयम की अपील•चुनाव आयोग के घेराव पर दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, जंतर-मंतर व संसद के आसपास भारी पुलिस तैनाती•विपक्ष के प्रदर्शन के कारण दिल्ली में ट्रैफिक एडवाइजरी: प्रमुख रास्तों पर डायवर्जन और सावधानियां•मुंबई के BEST अणिक डिपो में लगी भीषण आग, 10 नई AC CNG बसें जलकर खाक•हिंगोली में पटाखा गोदाम में भीषण आग, 2 की मौत और 10-12 गंभीर घायल•IGI एयरपोर्ट पर कस्टम्स ने 3 करोड़ रुपये की ज्वेलरी और कीमती पत्थर जब्त किए•खुर्जा में प्रशासन और प्रदूषण विभाग का कड़ा एक्शन, एनओसी न होने पर दो पॉटरी इकाइयां सील
विज्ञापन
Home » रूस में न्यूमोनिक प्लेग लीक: भारत को कितना खतरा?
दुनिया

रूस में न्यूमोनिक प्लेग लीक: भारत को कितना खतरा?

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 06 Oct 2026• अपडेट 05 Oct 2026• 1 views
रूस में न्यूमोनिक प्लेग लीक: भारत को कितना खतरा?
रूस के साइबेरिया में न्यूमोनिक प्लेग की लैब से लीक की खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। इस लेख में लीक की परिस्थितियों, प्रभावित लोगों की संख्या, विश्व स्वास्थ्य…

रूस के साइबेरिया में न्यूमोनिक प्लेग की प्रयोगशाला से लीक की खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय मीडिया ने बताया कि लीक के बाद 28 वर्षीय एक महिला की मृत्यु हो गई और लगभग 200 लोगों को अलग‑थलग कर दिया गया। इस घटना को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिकी सरकार ने भी अलर्ट जारी किया है।

लीक की परिस्थितियाँ

द मॉस्को टाइम्स के अनुसार, लीक का कारण प्रयोगशाला में उपयोग किए जा रहे एक शीशे का टूटना था। उस शीशे से निकली हवा में न्यूमोनिक प्लेग के रोगजनक मौजूद थे, जिससे लैब में काम कर रही 28 वर्षीय युवती को सीधे संपर्क में आना पड़ा और वह मृत्यु को प्राप्त हुई। लीक के बाद, लैब में मौजूद लगभग 200 कर्मचारियों और निकटवर्ती व्यक्तियों को तुरंत अलग‑थलग कर दिया गया।

प्रभावित लोगों की स्थिति

रिपोर्ट्स के अनुसार, सभी 200 संपर्क में आए व्यक्तियों को क्वारंटाइन किया गया है। पीपल ऑफ बैकाल चैनल ने बताया कि इरकुत्स्क के चार अस्पतालों को तीन हफ्ते के लिए क्वारंटाइन के कारण बंद कर दिया गया है और मरीजों के मिलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस कदम से वायरस के आगे के प्रसार को रोकने की कोशिश की जा रही है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट

WHO ने 2019 से 2024 तक के प्लेग मामलों पर एक व्यापक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में पाँच वर्षों में 4,000 संभावित प्लेग मामलों की पहचान की गई, जिनमें अधिकांश केस चीन और मंगोलिया से आए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रूस में हुई इस घटना में मृतक युवती का मूल मंगोलिया से था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह साइबेरिया से सीधे जुड़ी नहीं थी।

आपके लिए संबंधित खबरें

भारत के लिए संभावित जोखिम

वर्तमान में, लीक के कारण उत्पन्न रोगजनक को भारत तक पहुँचने की कोई पुष्टि नहीं है। रूस ने सभी 200 संपर्कित व्यक्तियों को पूरी तरह से क्वारंटाइन कर दिया है, जिससे वायरस के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलने की संभावना कम हो गई है। हालांकि, अमेरिकी मीडिया आउटलेट CNN ने बताया कि वॉशिंगटन भी इस मामले को लेकर सतर्कता बरत रहा है और व्हाइट हाउस ने आधिकारिक बयान जारी किया है।

क्या भारत को डरना चाहिए?

वर्तमान उपलब्ध जानकारी के आधार पर, भारत को तत्काल कोई विशेष खतरा नहीं दिखता। लेकिन स्वास्थ्य प्राधिकरणों को सतर्क रहना आवश्यक है, क्योंकि न्यूमोनिक प्लेग को कोरोना वायरस से 1,000 गुना अधिक खतरनाक बताया जा रहा है। इस प्रकार के रोगजनकों के प्रसार को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निगरानी आवश्यक है।

मुख्य बातें

  • रूस के साइबेरिया में न्यूमोनिक प्लेग लैब से लीक की पुष्टि हुई।
  • लीक के बाद 28 वर्षीय लैब कर्मचारी की मृत्यु हुई और लगभग 200 लोगों को क्वारंटाइन किया गया।
  • WHO की रिपोर्ट में 2019‑2024 में 4,000 संभावित प्लेग केस दर्ज हुए, मुख्यतः चीन और मंगोलिया से।
  • रूस ने सभी संपर्कित व्यक्तियों को पूरी तरह से अलग‑थलग कर दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय प्रसार की संभावना घट गई।
  • अमेरिकी सरकार और WHO ने सतर्कता बरतने की सलाह दी, लेकिन वर्तमान में भारत को कोई सीधा खतरा नहीं दिखता।

न्यूमोनिक प्लेग एक अत्यधिक संक्रामक रोग है, जिसके लक्षण तेज़ बुखार, खांसी और श्वसन तंत्र में गंभीर संक्रमण होते हैं। यदि भविष्य में इस रोगजनक का कोई नया रूप उभरता है, तो स्वास्थ्य प्राधिकरणों को तत्परता से प्रतिक्रिया देना आवश्यक होगा। इस बीच, भारत में स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ रखना और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली के साथ सहयोग जारी रखना चाहिए।

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook X Telegram
💬 0 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ

0

अपनी टिप्पणी लिखें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

⌂होम🔥ब्रेकिंग▣लेटेस्ट▶वीडियो⌕खोजें