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रामनगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कई घर और मस्जिद ध्वस्त, जमीन खरीद में धोखाधड़ी के आरोप

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 01 Nov 2026• अपडेट 01 Nov 2026
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रामनगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कई घर और मस्जिद ध्वस्त, जमीन खरीद में धोखाधड़ी के आरोप
नैनीताल के रामनगर में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कई घर और एक मस्जिद ध्वस्त हुई। प्रभावित परिवारों ने जमीन खरीद में धोखाधड़ी का आरोप ताहिर नाम के व्यक्ति…

उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर में पूछड़ी क्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कई घर और एक मस्जिद ध्वस्त हो गई। जेसीबी के बुलडोजर ने जब अतिक्रमणित संरचनाओं को ध्वस्त किया, तो कई परिवारों के चेहरे पर आँसू छलकते दिखे।

कार्रवाई का विवरण

जिला प्रशासन ने वन भूमि पर अनधिकृत निर्माण को हटाने के लिए जेसीबी को निर्देशित किया। इस प्रक्रिया में कई निजी मकानों के साथ एक मस्जिद भी ध्वस्त हुई। घरों के ध्वस्त होते ही आसपास के निवासियों ने अपने उजड़ते आशियानों को देखा और भविष्य की आर्थिक एवं सामाजिक चुनौतियों को लेकर चिंतित हो गए।

पीड़ितों के आरोप

ध्वस्त हुए घरों के मालिकों ने जमीन खरीद में धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने सस्ते दामों पर जमीन खरीदी थी, कुछ ने तीन लाख रुपये, तो कुछ ने दस‑तीस हजार रुपये की छोटी‑छोटी रकम जुटाकर जमीन खरीदी थी। इन परिवारों ने ताहिर नाम के व्यक्ति को मुख्य आरोपी बताया, जो पहले रामनगर में फेरी चलाता था और बाद में एक ऐसी कंपनी से जुड़ा था, जहाँ गरीब लोगों को ‘पैसे दोगुना करने’ का वादा किया जाता था।

ताहिर के खिलाफ मुख्य आरोप

  • सस्ते दामों पर वन भूमि की बिक्री, अक्सर दस रुपये के स्टांप पर, जिससे खरीदारों को धोखा हुआ।
  • कई खरीदारों को जमीन के ऊपर कब्जा बढ़ाने के बाद ही वास्तविक स्वामित्व का दावा किया गया।
  • जैसे‑जैसे जेसीबी का पंजा आगे बढ़ा, कई परिवारों के घर मलबे में बदल गए।

पुलिस कार्रवाई और जांच

पीड़ितों के बयान के बाद पुलिस ने ताहिर को शाम को हिरासत में लिया, लेकिन इस बात की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। साथ ही, इस मामले में एसआईटी (सेंट्रल इंस्पेक्शन टीम) की जांच चलने की सूचना मिली है।

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प्रभावित परिवारों की कहानी

वर्षों से पूछड़ी में रहने वाली प्रेमा देवी ने बताया कि उनकी सास शादी के बाद यहाँ आई थीं और कई पीढ़ियों तक यह घर उनका परिवारिक आश्रय रहा। अब उनके छह बच्चों की देखभाल और परिवार के भविष्य को लेकर गंभीर चिंता है।

समसाद परिवार के सदस्य ने कहा कि उन्होंने थोड़ी‑थोड़ी रकम जोड़कर जमीन खरीदी थी, लेकिन अब उनका घर भी ध्वस्त हो गया। उनके तीन बेटियां और एक बेटा है, और अब उन्हें रहने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्य बातें

  • रामनगर के पूछड़ी क्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कई घर और एक मस्जिद ध्वस्त हुई।
  • परिवारों ने जमीन खरीद में धोखाधड़ी का आरोप ताहिर नाम के व्यक्ति पर लगाया।
  • ताहिर को पुलिस ने शाम को हिरासत में लिया, लेकिन पुष्टि अभी बाकी है।
  • एसआईटी की जांच चल रही है, जिससे मामले की सच्चाई उजागर हो सके।
  • प्रभावित परिवारों को अब बेघर होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके भविष्य की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।

यह घटना न केवल अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई को बल्कि जमीन खरीद‑फरोख्त में संभावित धोखाधड़ी को भी उजागर करती है। आगे की जांच के परिणामों से यह स्पष्ट होगा कि इस क्षेत्र में भूमि लेन‑देन की प्रक्रियाओं में क्या सुधार आवश्यक हैं।

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