नोएडा में EWS‑LIG फ्लैट्स की नई योजना: 4.5 लाख में घर, 9 लाख में फ्लैट
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नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र में कम आय वाले परिवारों को अपना घर खरीदने का नया अवसर मिल सकता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में बिल्डरों को कुल फ्लैटों का 10 % हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया है। इस नई व्यवस्था के तहत शुरुआती कीमतें 4.5 लाख रुपये (EWS) और 9 लाख रुपये (LIG) बताई गई हैं।
मुख्य बातें
- बिल्डरों को ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में 10 % फ्लैट EWS‑LIG वर्ग के लिए आरक्षित करने होंगे।
- EWS फ्लैट की शुरुआती कीमत 4.5 लाख रुपये, LIG फ्लैट की 9 लाख रुपये।
- EWS फ्लैट का कारपेट एरिया 30‑35 ㎡, LIG का 35‑45 ㎡; प्लॉटेड योजना में क्रमशः 35‑40 ㎡ और 40‑50 ㎡।
- आय‑सीमा: EWS के लिए वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक, LIG के लिए 6 लाख रुपये तक।
- आवेदन प्रक्रिया मॉडल भवन उपविधि‑2026 की कैबिनेट मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी।
नई आरक्षण नीति का उद्देश्य
पहले निजी बिल्डरों की आवासीय परियोजनाओं में कम आय वाले परिवारों के लिए कोई विशेष आरक्षण नहीं था। अब इस नीति के माध्यम से निजी क्षेत्र में भी सस्ते घरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। 10 % फ्लैट आरक्षित करने से उन परिवारों को लाभ मिलेगा, जो नोएडा के महंगे रियल एस्टेट बाजार में घर खरीदने से वंचित रहे थे।
EWS और LIG फ्लैट का आकार
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में EWS वर्ग के फ्लैट का कारपेट एरिया 30 से 35 वर्ग मीटर और LIG वर्ग के फ्लैट का 35 से 45 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है। प्लॉटेड योजनाओं में EWS के लिए 35‑40 वर्ग मीटर और LIG के लिए 40‑50 वर्ग मीटर तक के भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे। यह आकार छोटे परिवारों या पहली बार घर खरीदने वाले परिवारों के लिए उपयुक्त माना गया है।
आय‑सीमा और पात्रता
इस योजना में EWS वर्ग के लिए वार्षिक आय सीमा 3 लाख रुपये तक और LIG वर्ग के लिए 6 लाख रुपये तक रखी गई है। पात्रता के लिए आवेदकों को संबंधित प्राधिकरण द्वारा निर्धारित दस्तावेज़, जैसे आय प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र, प्रस्तुत करने होंगे। आधिकारिक घोषणा के बाद इन दस्तावेज़ों की विस्तृत सूची जारी की जाएगी।
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आवेदन प्रक्रिया और समय‑सीमा
औद्योगिक विकास प्राधिकरण (IDA) की मॉडल भवन उपविधि‑2026 को कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही नियमावली संबंधित प्राधिकरणों तक पहुंच गई है। अब नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण में इस नियम के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू होगी। आवेदन कब शुरू होंगे, किन परियोजनाओं में फ्लैट उपलब्ध होंगे और अंतिम कीमतें क्या होंगी, यह सभी जानकारी आधिकारिक अधिसूचना के बाद स्पष्ट होगी। इसलिए इच्छुक खरीदारों को प्राधिकरण की वेबसाइट और स्थानीय समाचारों पर निरंतर नज़र रखनी चाहिए।
भविष्य की संभावनाएँ
यदि यह योजना सफल रहती है, तो अन्य बड़े मेट्रो क्षेत्रों में भी समान आरक्षण मॉडल अपनाने की संभावना बढ़ सकती है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर सस्ते आवास की उपलब्धता में सुधार हो सकता है और कम आय वाले वर्ग के लिए गृहस्वामित्व का सपना साकार हो सकता है।
“निजी बिल्डरों की परियोजनाओं में 10 % आरक्षण से कम आय वाले परिवारों को घर खरीदने का वास्तविक अवसर मिलेगा,” एक आवास विशेषज्ञ ने कहा।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि नोएडा में इस नई नीति के कार्यान्वयन से सस्ते घरों की उपलब्धता में वृद्धि होगी, परंतु वास्तविक कीमत, फ्लैट की उपलब्धता और आवेदन की विस्तृत प्रक्रिया के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना आवश्यक है।




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