जामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाली के लिए 7 सदस्यीय कमेटी गठित, भूख हड़ताल जारी
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर छात्र संघ की भूख हड़ताल जारी है। इस तनाव के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने 7 सदस्यीय उच्च-स्तरीय कमेटी गठित करने की घोषणा की, जो छात्रों से संवाद, मांगों की जांच और कैंपस में शांति बहाल करने के लिए कार्य करेगी।
भूख हड़ताल की पृष्ठभूमि
जामिया में 2006 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। 2006 में हिंसक झड़पों, शिक्षकों पर हमलों और कक्षाओं में बार-बार व्यवधान के कारण चुनाव रद्द कर दिए गए थे। तब से कई बार छात्रों ने चुनाव बहाल करने की मांग की, न्यायालय में याचिकाएँ दायर की गईं, पर 2022 में दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर कोई निर्देश नहीं दिया।
7 सदस्यीय कमेटी का गठन
रविवार देर शाम आयोजित बैठक में जामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ, रजिस्ट्रार प्रो. महताब आलम रिज़वी, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एहतेशामुल हक, विभिन्न संकायों के डीन, छात्र कल्याण डीन, शैक्षणिक मामलों के डीन, चीफ प्रॉक्टर, सभी हॉस्टलों के प्रोवोस्ट, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी और अन्य अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक के बाद छात्रों की शिकायतों के समाधान और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए 7 सदस्यीय उच्च-स्तरीय कमेटी गठित की गई।
कमेटी के कार्य
- भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से बातचीत करना।
- उनकी मांगों की जांच एवं दस्तावेजीकरण करना।
- कैंपस में शांति बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाना।
- विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच आपसी विश्वास एवं समझ के आधार पर समाधान निकालना।
वर्तमान छात्र प्रतिनिधि चुनाव व्यवस्था
2026 से जामिया में छात्रसंघ चुनाव नहीं होते, पर सभी विभागों और केंद्रों में ‘सब्जेक्ट एसोसिएशन’ के चुनाव के लिए गुप्त मतदान (secret ballot) के माध्यम से उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव के पदों के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया लागू है। यह व्यवस्था पिछले कुछ वर्षों में छात्रों के लिए प्रभावी साबित हुई है।
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मुख्य बातें
- जामिया में छात्रसंघ चुनाव 2006 से नहीं हुए।
- छात्रों की भूख हड़ताल जारी है।
- विश्वविद्यालय ने 7 सदस्यीय उच्च-स्तरीय कमेटी गठित की।
- कमेटी छात्रों से बातचीत, मांगों की जांच और शांति बहाल करने के लिए कार्य करेगी।
- ‘सब्जेक्ट एसोसिएशन’ के चुनाव गुप्त मतदान से होते हैं और यह व्यवस्था 2026 से लागू है।
जामिया प्रशासन ने कहा है कि वह आपसी विश्वास और समझ के आधार पर सार्थक बातचीत के माध्यम से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी संबंधित पक्षों से सहयोग की अपेक्षा करता है।




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