निशिकांत दुबे ने सुभाष गर्ग पर 2 करोड़ रुपये का मानहानि केस दायर किया
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बिहार के लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के खिलाफ 2 करोड़ रुपये के आपराधिक मानहानि का केस दायर किया है। यह मामला तब उभरा जब गर्ग ने एक पॉडकास्ट में दुबे को ब्लैकमेलर और दबाव बनाने वाले के रूप में आरोपित किया था। दोनों के बीच 2018 से चल रही कड़वाहट अब कानूनी लड़ाई में बदल गई है।
केस की पृष्ठभूमि
सुभाष गर्ग ने अपने पॉडकास्ट इंटरव्यू में दावा किया कि 2018 में निशिकांत दुबे उनके कार्यालय आए और एक काम को लेकर दबाव बनाया। गर्ग का कहना है कि वह काम LIC चेयरमैन के माध्यम से करवाने की कोशिश थी, जो उनके विभाग के अधिकार में नहीं था। इस पर गर्ग ने दुबे पर ब्लैकमेलिंग और झूठी शिकायतें करने का आरोप लगाया। दुबे ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि उनका कोई व्यक्तिगत या आधिकारिक संपर्क नहीं था।
दुबे का कानूनी कदम
निशिकांत दुबे ने सोमवार देर शाम अपने एक्स‑पोस्ट में पुष्टि की कि उन्होंने पटियाला कोर्ट, दिल्ली और दिल्ली हाईकोर्ट में 2 करोड़ रुपये के आपराधिक मानहानि का केस दायर किया है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने गर्ग को पहले एक लीगल नोटिस भेजा था, जिसमें 7 दिनों के भीतर बिना शर्त माफी माँगने और बयान वापस लेने की चेतावनी दी गई थी। गर्ग ने इस नोटिस को अस्वीकार कर दिया।
गर्ग के आरोप
गर्ग का कहना है कि दुबे ने मार्च 2018 में तत्कालीन सरकार को एक पत्र लिखा, जिसमें गर्ग के खिलाफ कई शिकायतें की गई थीं। वह दावा करते हैं कि सरकार ने उस पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की। जुलाई 2019 में उनका तबादला हुआ, परन्तु दोनों के बीच तनाव बना रहा।
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मुख्य बातें
- निशिकांत दुबे ने सुभाष चंद्र गर्ग के खिलाफ 2 करोड़ रुपये के आपराधिक मानहानि का केस दायर किया।
- गर्ग ने पॉडकास्ट में दुबे को ब्लैकमेलर और दबाव बनाने वाले के रूप में आरोपित किया।
- दुबे ने पहले गर्ग को 7‑दिन का लीगल नोटिस भेजा, जिसमें माफी माँगने की चेतावनी दी गई।
- केस पटियाला कोर्ट, दिल्ली और दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहा है।
- दुबे ने कहा कि उनका 18‑साल का संसदीय कार्यकाल भी इस केस से मूल्यांकन होगा।
आगे की कार्यवाही
अब दोनों पक्ष अदालत में अपने‑अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज़ और साक्ष्य पेश करेंगे। न्यायालय का फैसला यह तय करेगा कि गर्ग के बयानों में मानहानि का कोई तत्व है या नहीं, और क्या दुबे को कोई दंड या जेल की सजा मिल सकती है।




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