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नवरात्रि की महाअष्टमी 2026: मां महागौरी की पूजा विधि, मंत्र और भोग

3 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 18 Oct 2026• अपडेट 18 Oct 2026
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नवरात्रि की महाअष्टमी 2026: मां महागौरी की पूजा विधि, मंत्र और भोग
शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी 18 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। मां महागौरी की पूजा, मंत्र, भोग और कन्या पूजन की विस्तृत विधि इस लेख में पढ़ें।

शारदीय नवरात्रि का आठवां दिन, महाअष्टमी, 18 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप, मां महागौरी को विशेष पूजा‑अर्चना की जाती है। भक्तों के बीच यह माना जाता है कि महाअष्टमी पर मां महागौरी की आराधना करने से कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख‑शांति आती है। इस लेख में महाअष्टमी की तिथि‑समय, मां महागौरी का स्वरूप, पूजा‑विधि, शुभ मंत्र, भोग‑वस्तुएँ और कन्या पूजन की प्रक्रिया को विस्तार से बताया गया है।

महाअष्टमी की तिथि और मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, 2026 में शारदीय नवरात्रि की अष्टमी 18 अक्टूबर को सुबह 8:27 बजे से शुरू होगी और 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे तक चलती रहेगी। इस अवधि में सुबह जल्दी स्नान कर साफ‑सुथरे कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। उसी दिन कन्या पूजन भी किया जाता है, जिसमें नौ कन्याओं को देवी के नौ स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है।

मां महागौरी का स्वरूप

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी शांति, पवित्रता, सौम्यता और करुणा का प्रतीक हैं। उनका वर्ण शंख, चंद्रमा और कुंद के फूल की तरह श्वेत माना जाता है, इसलिए उन्हें “श्वेतांबरधरा” कहा जाता है। उनका वाहन वृषभ (बैल) है और चार भुजाओं में अभय मुद्रा, त्रिशूल, डमरू और वरद मुद्रा धारण करती हैं। माना जाता है कि इस स्वरूप की आराधना से जीवन में सुख‑समृद्धि आती है।

मां महागौरी की पूजा विधि

महाअष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा करने के लिए नीचे दी गई क्रमबद्ध विधि अपनाएँ:

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  1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें।
  2. पूजा स्थल को साफ‑सुथरा करें, गंगाजल छिड़कें।
  3. चौकी पर लाल या सफेद कपड़ा बिछाकर मां महागौरी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
  4. हाथ में जल या अक्षत लेकर पूजा का संकल्प लें और माता का ध्यान करें।
  5. रोली, कुमकुम और अक्षत अर्पित करें, साथ ही सफेद फूल (चमेली या रातरानी) चढ़ाएँ।
  6. धूप‑दीप जलाकर मां की पूजा करें, सफेद वस्त्र या श्रृंगार सामग्री अर्पित करें।
  7. पूजा के दौरान मां महागौरी का मंत्र जपें (नीचे दिया गया)।
  8. अंत में कपूर या घी के दीपक से आरती करें और किसी भी भूल के लिए क्षमा प्रार्थना करें।

मां महागौरी का मंत्र

ॐ देवी महागौर्यै नमः॥

भोग‑वस्तुएँ

महाअष्टमी पर मां महागौरी को निम्नलिखित भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है:

  • नारियल (पूरे रूप में)
  • हलवा
  • पूरी
  • काले चने
  • खीर या दूध‑आधारित मिठाइयाँ

पूजा के बाद प्रसाद को परिवार के सदस्यों और उपस्थित भक्तों में बाँटना परम्परा है। साथ ही, महाअष्टमी के दिन गुलाबी रंग के कपड़े पहनना भी शुभ माना जाता है।

कन्या पूजन की विधि

महाअष्टमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन नौ कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानकर आमंत्रित किया जाता है। परम्परा के अनुसार, एक बालक को भी बटुक भैरव या लांगुर के रूप में पूजना उचित माना जाता है।

  1. कन्याओं को सम्मानपूर्वक बैठाएँ और उनके चरण धोकर तिलक लगाएँ।
  2. उन्हें हलवा, पूरी और काले चने का भोजन कराएँ।
  3. भोजन के बाद उपहार या दक्षिणा दें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।

श्रद्धा से किया गया यह पूजन भक्तों के लिए मंगलकामना और सुख‑समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

मुख्य बातें

  • नवरात्रि की महाअष्टमी 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:27 बजे से शुरू होगी।
  • मां महागौरी को श्वेतांबरधरा, शांति और करुणा का प्रतीक माना जाता है।
  • पूजा में नारियल, हलवा, पूरी, काले चने और खीर का भोग अर्पित करें।
  • शुभ मंत्र: “ॐ देवी महागौर्यै नमः॥”
  • कन्या पूजन में नौ कन्याओं को देवी के स्वरूप मानकर भोजन कराएँ।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। GBNEWS INDIA इसकी पुष्टि नहीं करता।
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