नाम समान नहीं, डुप्लीकेट वोटर नहीं: चुनाव आयोग ने दिया स्पष्ट जवाब
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उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के बीच मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक तनाव तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी (एसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वोटर लिस्ट में संभावित गड़बड़ियों को लेकर भाजपा पर आरोप लगाए, जबकि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब दिया।
अखिलेश यादव के आरोप
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्होंने मतदाता सूची की जाँच के दौरान दो नामों के आधार पर 2,441 डुप्लीकेट एंट्री पाई हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी पात्र मतदाता का नाम छूटे नहीं और किसी का नाम दो या तीन बार दर्ज न हो। उन्होंने तकनीकी उपायों, जैसे आधार लिंकिंग और बूथ स्तर पर बायोमेट्रिक रीडिंग उपकरण, की मांग भी की।
नवदीप रिनवा का स्पष्टीकरण
उत्तरी प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने कहा कि एक ही विधानसभा या अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में कई मतदाताओं के नाम और उनके पिता, पति, पत्नी या विधिक संरक्षक के नाम समान हो सकते हैं। केवल नामों में समानता के आधार पर प्रविष्टियों को डुप्लीकेट नहीं माना जा सकता। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत वास्तविक डुप्लीकेट प्रविष्टियों की पहचान, सत्यापन और हटाने के लिए निरंतर काम कर रहा है।
मुख्य बातें
- अखिलेश यादव ने मतदाता सूची में 2,441 डुप्लीकेट एंट्री का दावा किया।
- नवदीप रिनवा ने कहा, केवल नाम समान होने से डुप्लीकेट नहीं माना जाता।
- ECI वास्तविक डुप्लीकेट प्रविष्टियों की पहचान और हटाने के लिए प्रक्रिया चलाता है।
- अखिलेश ने आधार लिंकिंग और बूथ स्तर पर बायोमेट्रिक उपकरण की मांग की।
- 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची की शुद्धता राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है।
भविष्य की दिशा
मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने तकनीकी उपायों को अपनाने की योजना बताई है, जबकि राजनीतिक दलों ने अधिक पारदर्शिता और निगरानी की मांग की है। इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई और सुधार प्रक्रिया का निरीक्षण चुनाव आयोग के कार्यान्वयन पर निर्भर करेगा।




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