खरगे के बयान पर बीजेपी की चार‑मोहरे रणनीति और 1 नवंबर की कांग्रेस रैली
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर विवादित टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक माहौल में तीव्रता आई। इस बयान के बाद बीजेपी ने दिल्ली में खरगे के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और देशभर में कांग्रेस के खिलाफ हल्ला बोल दिया। भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस‑INDIA गठबंधन रैली को घेरने की चार‑मोहरे रणनीति तैयार की।
खरगे के बयान का राजनीतिक असर
पटना में SIR (सुपर इंटेग्रिटी रजिस्टर) पर बोलते हुए खरगे ने कहा कि SIR के जरिए गड़बड़ी करने वालों को जेल भेजा जाएगा। इस दौरान किसी ने कहा कि “मोदी नहीं जाएंगे” और खरगे ने जवाब दिया – “मोदी का बाप भी जाएगा”। इस टिप्पणी को बीजेपी ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का अपमान बताया, जबकि कांग्रेस ने कहा कि बयान को संदर्भ से काटकर पेश किया गया है।
ब्यापक प्रदर्शन
दिल्ली में खरगे के आवास के बाहर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की, पुतला जलाया और शिकायत दर्ज कराई। इसी तरह, देश के विभिन्न शहरों में भी कांग्रेस के खिलाफ हल्ला बोल किया गया।
भाजपा की चार‑मोहरे रणनीति
भाजपा ने 1 नवंबर की कांग्रेस रैली को रोकने के लिए चार प्रमुख पहलुओं को उजागर किया:
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- सिख विरोधी दंगे (1984): पार्टी ने सवाल उठाया कि कांग्रेस ने रैली की तारीख 1 नवंबर क्यों चुनी, जो 1984 के सिख दंगों की स्मृति से जुड़ी है।
- कानून‑व्यवस्था: रैली और संभावित मार्च को लेकर दिल्ली में कानून‑व्यवस्था की चिंता जताई गई।
- व्यापारी‑त्योहारी सीजन: रैली के दौरान व्यापारियों के कारोबार पर असर पड़ने की संभावना बताई गई।
- INDIA गठबंधन में मतभेद: गठबंधन के कुछ सहयोगी रैली की तारीख से असहमत हैं, इस पर सवाल उठाया गया।
रैली का उद्देश्य
कांग्रेस‑INDIA गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में “वोट बचाओ, देश बचाओ” रैली आयोजित कर रहा है। इस मंच से वह SIR और कथित वोट‑चोरी के मुद्दे को सरकार और चुनाव आयोग के सामने रखना चाहता है।
भाजपा की देशव्यापी पदयात्रा
रैली के जवाब में बीजेपी ने 1 से 30 नवंबर तक कई राज्यों में पदयात्रा की योजना बनाई है। प्रमुख शख्सियतें शामिल होंगी:
- 1 नवंबर – योगी आदित्यनाथ (लखनऊ), हिमंत बिस्वा सरमा (शिमला), राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, देवेंद्र फडणवीस
- 2 नवंबर – अमित शाह (हैदराबाद)
- 5 नवंबर – अमित शाह (करनाल)
इन यात्राओं का उद्देश्य कांग्रेस की रैली को राजनीतिक और सामाजिक दबाव से घेरना है।
मुख्य बातें
- खरगे ने SIR पर गड़बड़ी करने वालों को जेल भेजने का वादा किया; इस पर “मोदी का बाप भी जाएगा” टिप्पणी हुई।
- भाजपा ने इस बयान को प्रधानमंत्री के पिता का अपमान कहा, कांग्रेस ने संदर्भ से काटने का आरोप लगाया।
- दिल्ली में खरगे के आवास के बाहर बीजेपी ने प्रदर्शन किया, पुतला जलाया और शिकायत दर्ज कराई।
- भाजपा ने 1 नवंबर की कांग्रेस रैली को रोकने के लिए 4‑पॉइंट रणनीति तैयार की: 1984 के दंगे, कानून‑व्यवस्था, व्यापार‑त्योहारी प्रभाव, गठबंधन में मतभेद।
- भाजपा ने 1‑30 नवंबर तक कई राज्यों में पदयात्रा की घोषणा की, जिसमें योगी आदित्यनाथ, अमित शाह, राजनाथ सिंह आदि शामिल हैं।
भविष्य में यह देखना होगा कि कांग्रेस अपनी रैली में वोट‑चोरी के मुद्दे को कैसे उठाती है और बीजेपी की जवाबी रणनीति कितनी प्रभावी सिद्ध होती है।




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