मिजोरम स्टेट यूनिवर्सिटी के लिए लुंगलेई में दान की 12 बीघा जमीन, मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने जताया आभार
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मिजोरम के लुंगलेई में प्रस्तावित स्टेट यूनिवर्सिटी (MZSU) के लिए एक स्थानीय परिवार ने 12 बीघा जमीन दान कर दी, जिससे विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध हो गई। इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने दान की पुष्टि की, दस्तावेज़ प्राप्त किए और भविष्य की योजना पर प्रकाश डाला।
दान की प्रक्रिया और दस्तावेज़ प्राप्ति
सेरकाउन के पी. लालनुनतलुआंगा ने हाई पावर्ड कमेटी (HPC) कॉन्फ्रेंस हॉल में मुख्यमंत्री लालदुहोमा को जमीन से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज़ सौंपे। लालनुनतलुआंगा परिवार ने 12 बीघा जमीन को “एजुकेशन कॉम्प्लेक्स” के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से दान किया। सीएम ने कहा कि यह प्लॉट विश्वविद्यालय के प्रारंभिक निर्माण, प्रशासनिक भवन और बुनियादी ढाँचे के लिए उपयुक्त है।
मुख्यमंत्री का आभार और भविष्य की दिशा
मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने दानकर्ता परिवार का धन्यवाद करते हुए कहा, “हम इस दान को केवल भूमि के रूप में नहीं, बल्कि शिक्षा के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण सहयोग के रूप में देख रहे हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य को विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए 15 साल का समय दिया है और लुंगलेई में जगह तय होने पर खुशी व्यक्त की।
स्थापना से पहले की बुनियादी जरूरतें
लालदुहोमा ने बताया कि शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत से पहले कई बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करना होगा, जिनमें इमारतों का निर्माण, सड़कों, जल और बिजली की व्यवस्था, तथा योग्य फैकल्टी की भर्ती शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस निर्णय से पहले राजनीतिक दलों, कई NGOs, चर्चों और आम जनता की राय को भी ध्यान में रखा था।
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सामूहिक प्रयासों का आह्वान
मुख्यमंत्री ने संस्थान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया और लुंगलेई के लोगों से अपनापन की भावना के साथ सहयोग करने का अनुरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती चरण में ऑफिस खोलना, प्रशासनिक ढाँचा स्थापित करना और विश्वविद्यालय की योजना पर काम चल रहा है, जिसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।
कानूनी पृष्ठभूमि और स्थान परिवर्तन
पिछले साल मार्च में मिजोरम विधानसभा ने “मिजोरम स्टेट यूनिवर्सिटी बिल 2025” पारित किया, जिसका उद्देश्य नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के तहत एक टीचिंग‑इंटेंसिव विश्वविद्यालय स्थापित करना था। इस बिल के तहत कई कॉलेजों को एक ही ढाँचे में मिलाकर काम करने की अनुमति दी गई और 15 साल के भीतर एफिलिएशन प्रदान करने की व्यवस्था की गई।
शुरुआत में आइजोल को मुख्य केंद्र बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन जनता के विरोध के बाद सरकार ने स्थान बदलकर लुंगलेई को मुख्यालय तय किया। इस साल फरवरी में विधानसभा ने बिल में संशोधन पारित किया, जिससे लुंगलेई को आधिकारिक रूप से विश्वविद्यालय का मुख्यालय घोषित किया गया। यह बदलाव पिछले साल के बिल में किए गए निर्णय को उलटता है।
मुख्य बातें
- लुंगलेई के लालनुनतलुआंगा परिवार ने MZSU के लिए 12 बीघा जमीन दान की।
- मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने दान के दस्तावेज़ प्राप्त कर धन्यवाद व्यक्त किया।
- सरकार ने विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए 15 साल का समय सीमा प्राप्त की है।
- स्थापना से पहले इमारत, सड़क, जल‑बिजली और फैकल्टी की भर्ती जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करनी होंगी।
- पहले आइजोल को मुख्य केंद्र तय किया गया था, लेकिन जनता के दबाव से लुंगलेई में स्थानांतरित किया गया।
- मिजोरम स्टेट यूनिवर्सिटी बिल 2025 ने NEP के तहत टीचिंग‑इंटेंसिव मॉडल को अपनाया।
जैसे-जैसे जमीन का दस्तावेज़ीकरण पूरा हो रहा है और बुनियादी ढाँचा तैयार हो रहा है, मिजोरम में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने की दिशा में कदम बढ़ रहा है।




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