कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सभी चुनावों को अवैध घोषित कर बैलेट पेपर से नए चुनावों की मांग की
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को कर्नाटक के कलबुर्गी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी मौजूदा चुनावों को “गैर‑कानूनी” घोषित कर, लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं को भंग कर बैलेट पेपर से नए चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर भी गंभीर आरोप लगाए।
खरगे की मुख्य मांगें
- लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं को भंग कर नए सिरे से चुनाव कराना।
- नए चुनाव बैलेट पेपर (पेपर बॉल) से कराए जाएँ।
- EVM के दुरुपयोग और SIR में गड़बड़ियों को समाप्त करना।
- वोटर लिस्ट में छूटे हुए पात्र मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान को तेज़ करना।
- निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता को प्रभावित करने वाले 2023 के नियुक्ति‑परिवर्तन पर पुनर्विचार।
विवरणात्मक बयान
खरगे ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “आज पूरा देश गैर‑कानूनी चुनावों पर चल रहा है, मोदी एक गैर‑कानूनी प्रधानमंत्री हैं, शाह एक गैर‑कानूनी मंत्री हैं, और सभी मुख्यमंत्री गैर‑कानूनी हैं। इन सभी को भंग कर देना चाहिए और बैलेट पेपर से चुनाव कराना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि “उनके अपने लोग” EVM के दुरुपयोग को छुपा रहे हैं।
EVM और SIR पर आरोप
खरगे ने कहा कि EVM का “गलत इस्तेमाल” हो रहा है और यह प्रक्रिया लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची में कई गड़बड़ियों के कारण गरीब, मजदूर, कम पढ़े‑लिखे और अल्पसंख्यक वर्ग पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि निर्वाचन आयोग ने SIR के बाद छूटे हुए मतदाताओं को जोड़ने के लिए 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष अभियान शुरू किया है, परन्तु वह पर्याप्त नहीं है।
विपक्ष का संयुक्त आंदोलन
खरगे ने बताया कि विपक्षी दलों ने 30 सितंबर को आयोजित INDIA ब्लॉक बैठक में इस मुद्दे पर संयुक्त आंदोलन का फैसला किया है। ब्लॉक ने 2 से 8 अक्टूबर तक “सेव डेमोक्रेसी” अभियान और 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों द्वारा निर्वाचन आयोग तक मार्च का कार्यक्रम घोषित किया है। उनका लक्ष्य चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और वैधता सुनिश्चित करना है।
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निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को कानूनी कार्रवाई से मिली सुरक्षा के मुद्दे को उठाते हुए 2023 में हुए नियुक्ति‑परिवर्तन पर सवाल किया। उनका कहना है कि इन बदलावों से आयोग की स्वतंत्रता पर असर पड़ा है और इससे चुनावी प्रक्रिया में भरोसा कम हो रहा है।
मुख्य बातें
- खरगे ने सभी मौजूदा चुनावों को “गैर‑कानूनी” कहा।
- लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं को भंग कर बैलेट पेपर से नए चुनावों की मांग।
- EVM के दुरुपयोग और SIR में गड़बड़ियों पर आरोप।
- INDIA ब्लॉक ने 2‑8 अक्टूबर तक “सेव डेमोक्रेसी” अभियान और 6 अक्टूबर को मार्च का कार्यक्रम घोषित किया।
- निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता को प्रभावित करने वाले 2023 के नियुक्ति‑परिवर्तन पर पुनर्विचार की मांग।
भविष्य की संभावनाएँ
यदि विपक्ष का संयुक्त आंदोलन सफल होता है, तो यह चुनावी सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बन सकता है। हालांकि, वर्तमान में केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग ने इस मांग को अस्वीकार किया है और EVM तथा SIR को वैध प्रक्रिया के रूप में बरकरार रखने का इरादा जताया है। इस बीच, जनता के बीच चुनावी प्रक्रिया की वैधता पर बहस जारी है।




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