लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस में मुख्य आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, LDA ने किया सील
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लखनऊ के सआदतगंज में हुए ट्रिपल मर्डर केस में मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला के घर पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बुलडोजर कार्रवाई की। प्रशासन ने रात के समय बड़े पुलिस बल के साथ आवास को अवैध निर्माण बताकर सील किया और फिर ध्वस्त करने की तैयारी शुरू की।
बुलडोजर कार्रवाई की पृष्ठभूमि
ट्रिपल मर्डर की घटना सआदतगंज के नौबस्ता इलाके के ब्राह्मण टोला में हुई थी, जहाँ शिवाजी तिवारी (62), शंभू उर्फ शिवेंद्र तिवारी (57) और उनके बेटे सुयश तिवारी (30) की हत्या हुई। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला भी शामिल है।
कार्रवाई का क्रम
- मंगलवार रात LDA की टीम कई अधिकारियों के साथ आरोपी के आवास पर पहुँची।
- स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कानून‑व्यवस्था बनी रहे।
- घर को अवैध निर्माण बताकर चारों ओर से सील किया गया।
- सीलिंग के बाद बुलडोजर चलाने की तैयारी शुरू हुई।
पुलिस की गिरफ्तारी और जांच
पुलिस ने बताया कि ट्रिपल मर्डर में शामिल छह आरोपियों में ऋषभ शुक्ला के अलावा सतीश शुक्ला उर्फ मुन्ना बाबू, गिरीश कुमार शुक्ला, दिनेश शुक्ला उर्फ छून्ना, प्रिया शुक्ला और अदिति शुक्ला शामिल हैं। सभी की भूमिका की जांच जारी है और मुख्य आरोपी के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद करने की प्रक्रिया चल रही है।
डिप्टी सीएम का आश्वासन
हत्या के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पीड़ित परिवार के बीच जाकर शोक व्यक्त किया और सरकारी नौकरी, बच्ची की पढ़ाई का खर्च और लाइसेंसी हथियार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ NSA के तहत कार्रवाई की बात भी कही।
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स्थानीय प्रतिक्रिया
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ स्थानीय लोग “बुलडोजर बाबा जिंदाबाद” के नारे भी लगाते दिखे। प्रशासन ने कहा कि कार्रवाई के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मुख्य बातें
- लखनऊ विकास प्राधिकरण ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला के घर को अवैध निर्माण बताकर सील किया।
- बुलडोजर से ध्वस्त करने की तैयारी के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
- ट्रिपल मर्डर में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें मुख्य आरोपी सहित पाँच अन्य शाकाहारी शामिल हैं।
- उपमुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और पढ़ाई का खर्च उठाने का आश्वासन दिया।
- स्थानीय लोगों ने कार्रवाई के विरोध में नारे लगाए, लेकिन प्रशासन ने कानून‑व्यवस्था बनाए रखने की पुष्टि की।




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