Skip to content
Monday, 12 October 2026|India
12 Octआज की खबरें
ऐप डाउनलोड
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़
मिशन शक्ति अभियान: पहासू में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा व स्वावलंबन के लिए निकाली गई जन जागरूकता रैली•बुलंदशहर: नवरात्रि व आगामी त्योहारों को लेकर पुलिस अलर्ट, एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने सिकन्द्राबाद में की फुट पेट्रोलिंग•खुर्जा नगर पालिका के विकास कार्यों पर शहरवासियों की ‘चाय पर चर्चा’, दीपावली से पहले स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त करने का ऐलान•सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और सरकार को दिया नोटिस, मेट्रो‑इंटरनेट सेवा बहाल करने के निर्देश•किशनगंज के थाने में डायल 112 के सिपाही ने बैरक में आत्महत्या की•गोरखा में बूढ़ी गंडकी नदी की बाढ़ ने मचाई भयावह तबाही•प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेन्नई दौरा: ₹13,000 करोड़ के विकास प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन•बीड में तलवार से केक काटने की वायरल वीडियो पर दो युवकों की गिरफ्तारी, तीन फीट की तलवार और दो खंजर बरामदमिशन शक्ति अभियान: पहासू में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा व स्वावलंबन के लिए निकाली गई जन जागरूकता रैली•बुलंदशहर: नवरात्रि व आगामी त्योहारों को लेकर पुलिस अलर्ट, एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने सिकन्द्राबाद में की फुट पेट्रोलिंग•खुर्जा नगर पालिका के विकास कार्यों पर शहरवासियों की ‘चाय पर चर्चा’, दीपावली से पहले स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त करने का ऐलान•सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और सरकार को दिया नोटिस, मेट्रो‑इंटरनेट सेवा बहाल करने के निर्देश•किशनगंज के थाने में डायल 112 के सिपाही ने बैरक में आत्महत्या की•गोरखा में बूढ़ी गंडकी नदी की बाढ़ ने मचाई भयावह तबाही•प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेन्नई दौरा: ₹13,000 करोड़ के विकास प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन•बीड में तलवार से केक काटने की वायरल वीडियो पर दो युवकों की गिरफ्तारी, तीन फीट की तलवार और दो खंजर बरामद
विज्ञापन
Home » जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने SIR पर उठाए गंभीर सवाल: 90 लाख वोटों की कटौती लोकतंत्र के लिए खतरा
News

जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने SIR पर उठाए गंभीर सवाल: 90 लाख वोटों की कटौती लोकतंत्र के लिए खतरा

2 मिनट में पढ़ें

By Kishan kumar Jain• प्रकाशित 05 Oct 2026• अपडेट 05 Oct 2026
GB News India ऐप डाउनलोड करेंGoogle Play Store पर उपलब्ध
जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने SIR पर उठाए गंभीर सवाल: 90 लाख वोटों की कटौती लोकतंत्र के लिए खतरा
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने पश्चिम बंगाल में 90 लाख मतदाताओं के नाम हटाने को संविधान पर सीधा हमला कहा, जिससे लोकतंत्र की सुरक्षा पर सवाल उठे।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने स्टैटिस्टिकल इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (SIR) के दुरुपयोग को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 90 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की रिपोर्ट एक गंभीर लोकतांत्रिक खतरा है।

सIR रिपोर्ट और 90 लाख वोटों की कटौती

एक रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल में लगभग 90 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। जस्टिस भुइयां ने इस प्रक्रिया को “संविधान पर सीधा हमला” कहा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि केवल इस कारण—कि मतदाता अपने दर्ज पते पर उपलब्ध नहीं है—उसके मताधिकार को समाप्त नहीं किया जा सकता।

जस्टिस भुइयां की मुख्य टिप्पणी

एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए जस्टिस भुइयां ने कहा, “यदि कोई मतदाता अपने दर्ज पते पर उपलब्ध नहीं होता है, तो केवल इस आधार पर उसके मताधिकार को समाप्त नहीं किया जा सकता।” उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि मतदाता सूची में नाम हटाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।

मुख्य बातें

  • पश्चिम बंगाल में लगभग 90 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए।
  • जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने इसे संविधान पर सीधा हमला कहा।
  • मतदाता के पते की उपलब्धता के आधार पर मताधिकार समाप्त नहीं किया जा सकता।
  • SIR (Statistical Information Report) की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए।

लोकतंत्र पर संभावित प्रभाव

भुइयां की चेतावनी इस बात की ओर इशारा करती है कि यदि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाते हैं, तो चुनावी प्रक्रिया की वैधता और प्रतिनिधित्व पर प्रश्न उठते हैं। यह मुद्दा न केवल पश्चिम बंगाल बल्कि पूरे देश में चुनावी प्रबंधन के पारदर्शिता और जवाबदेही को चुनौती देता है।

आपके लिए संबंधित खबरें

आगे की कार्यवाही की अपेक्षा

जस्टिस भुइयां ने इस मुद्दे को उच्चतम न्यायालय में लाने की संभावना जताई है, जिससे SIR की प्रक्रिया की वैधता और चुनावी अधिकारों की सुरक्षा पर पुनर्विचार हो सके।

वर्तमान में इस विषय पर विभिन्न राजनीतिक दल और नागरिक समाज समूहों ने भी अपनी आवाज़ उठाई है, जो इस मुद्दे को न्यायिक और विधायी स्तर पर सुलझाने की मांग कर रहे हैं।

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook X Telegram
💬 0 टिप्पणियाँ

टिप्पणियाँ

0

अपनी टिप्पणी लिखें

Your email address will not be published. Required fields are marked *