बांसवाड़ा के मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में नवरात्रि पर उमड़ी भारी भीड़, राजनीति के दिग्गज भी शीश नवाते
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राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के बांसवाड़ा शहर से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर ने इस वर्ष की नवरात्रि में श्रद्धालुओं और राजनीति के दिग्गजों की भारी भीड़ को आकर्षित किया। चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान यहाँ विशेष पूजा‑अर्चना, चंडी पाठ, हवन और गरबा का आयोजन हुआ, जिससे मंदिर का आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व दोबारा उजागर हुआ।
मंदिर का इतिहास और आध्यात्मिक महत्व
मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर को स्थानीय भाषा में तरतई माता कहा जाता है और इसे राजराजेश्वरी के रूप में भी पूजा जाता है। मंदिर परिसर में विक्रम संवत 1540 का शिलालेख मिला है, जो इस स्थल की प्राचीनता का प्रमाण है। हालांकि, मंदिर की सटीक स्थापना तिथि पर अभी विस्तृत ऐतिहासिक शोध की आवश्यकता है। स्थानीय परम्पराओं के अनुसार यह स्थल प्राचीन साधना और शक्ति उपासना का केंद्र रहा है।
राजनीतिक हस्तियों की श्रद्धा
मंदिर की ख्याति केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि राजनैतिक भी है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी को यहाँ का अनन्य भक्त माना जाता था। 2004 में वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस मंदिर की चर्चा राज्य की सीमाओं से बाहर तक फैली। समय‑समय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल तथा कई राज्य के मुख्यमंत्री, मंत्री और अन्य विशिष्ट व्यक्तियों ने यहाँ दर्शन किया है। यह दर्शाता है कि सत्ता के शिखर पर बैठे लोग भी मां के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं।
नवरात्रि में विशेष कार्यक्रम
नवरात्रि के दौरान मंदिर में निम्नलिखित प्रमुख कार्यक्रम आयोजित होते हैं:
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- दैनिक विशेष पूजा‑अर्चना और चंडी पाठ
- हवन और गरबा कार्यक्रम, जिसमें स्थानीय कलाकार भाग लेते हैं
- अष्टमी के अवसर पर बड़ी भीड़, विशेषकर कार्तिक पूर्णिमा और शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर अतिरिक्त कार्यक्रम
भीड़ का परिमाण
अष्टमी के दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाता है। स्थानीय प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और स्वच्छता के उपायों को सुदृढ़ किया है।
मुख्य बातें
- बांसवाड़ा के मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का इतिहास प्राचीन, विक्रम संवत 1540 का शिलालेख मिला है।
- मंदिर को तरतई माता और राजराजेश्वरी के रूप में पूजा जाता है।
- राजनीतिक दिग्गजों में पूर्व मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल शामिल हैं।
- नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा, चंडी पाठ, हवन और गरबा का आयोजन होता है।
- अष्टमी और कार्तिक पूर्णिमा पर विशेष रूप से भारी भीड़ आती है।
मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि राजनैतिक और सामाजिक संगम का भी प्रतीक बना हुआ है। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर यहाँ की भीड़ और कार्यक्रम इस बात की पुष्टि करते हैं कि श्रद्धा और शक्ति का यह संगम आज भी जीवंत है।




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