जियो प्लेटफ़ॉर्म्स की लिस्टिंग से टेलीकॉम में बड़ा बदलाव: भारती एयरटेल को पीछे छोड़ सकता है
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28 अक्टूबर को लिस्ट होने वाले जियो प्लेटफ़ॉर्म्स का IPO भारत के कैपिटल मार्केट में अभूतपूर्व धूम मचा रहा है। ग्रे मार्केट में 22% प्रीमियम के आधार पर इसका अनुमानित मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 12.5 लाख करोड़ रुपये बताया गया है, जिससे यह टेलीकॉम दिग्गज भारती एयरटेल को पीछे छोड़कर भारत की दूसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बन सकता है।
जियो की लिस्टिंग के प्रमुख आँकड़े
जियो प्लेटफ़ॉर्म्स का IPO भारत के इतिहास में सबसे बड़ा रहा, जिसका इश्यू साइज लगभग 30,200 करोड़ रुपये था। एंकर और पब्लिक बुक‑बिल्डिंग प्रक्रिया में कुल 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की डिमांड आई। लिस्टिंग के 100 मिनट के भीतर ही सब्सक्रिप्शन पूरा हो गया, जबकि क्वालिफाइड इंस्टिट्यूशनल बायर (QIB) हिस्सा पहले 10 मिनट में ही सब्सक्राइब हो गया।
- इश्यू साइज: 30,200 करोड़ रुपये
- डिमांड: 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक
- सब्सक्रिप्शन: 100 मिनट में पूरी
- QIB सब्सक्रिप्शन: 10 मिनट में पूरा
- कुल डिमांड: 655.68 करोड़ शेयर (27 करोड़ उपलब्ध)
- आवेदन: 1.38 करोड़ (विश्व रिकॉर्ड)
मार्केट कैपिटलाइजेशन का अनुमान
ऑफ़र प्राइस के अपर लेवल पर जियो प्लेटफ़ॉर्म्स की वैल्यू लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये (लगभग 109 अरब डॉलर) आंकी गई है। ग्रे मार्केट में 22% प्रीमियम जोड़ने पर यह वैल्यू 12.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। यदि लिस्टिंग के समय 15% की बढ़त मिलती है, तो जियो तुरंत ही भारत की दूसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बन जाएगा। वर्तमान में भारती एयरटेल की मार्केट वैल्यू 12.25 लाख करोड़ रुपये है, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज 16.12 लाख करोड़ रुपये के साथ शीर्ष पर है।
भारी एयरटेल और अन्य बड़े कंपनियों की तुलना
भारती एयरटेल के बाद HDFC बैंक (10.6 लाख करोड़), ICICI बैंक (9.96 लाख करोड़) और फिर TCS, SBI, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, LIC जैसी कंपनियां आती हैं। जियो की संभावित एंट्री से यह सूची पुनः व्यवस्थित हो सकती है, जिससे भारत में नई लिस्टेड कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज़ से सबसे बड़ा डेब्यू दर्ज होगा।
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IPO के उपयोग हेतु फंड्स का विभाजन
जियो प्लेटफ़ॉर्म्स इस इश्यू से जुटाए गए 27,500 करोड़ रुपये का उपयोग मुख्यतः अपने कर्ज़ को चुकाने या समय से पहले चुकाने के लिए करेगी। शेष राशि को सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों, ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज़ टेक्नोलॉजी और AI जैसे भविष्य के क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा।
ब्रोकरेज फर्मों की राय
मोतीलाल ओसवाल ने मध्यम से लंबी अवधि के निवेशकों को इस IPO में निवेश करने की सलाह दी है, क्योंकि जियो के पास मार्केट लीडरशिप, बढ़ती कमाई और डिजिटल सेवाओं में विस्तार के कई अवसर हैं। उन्होंने ARPU, टैरिफ वृद्धि और डिजिटल सेवाओं से होने वाली आय पर ध्यान देने की सलाह भी दी।
सिस्टेमैटिक्स ने कहा कि जियो का वैल्यूएशन रिलायंस इंडस्ट्रीज के कंसोलिडेटेड वैल्यूएशन से लगभग 19% कम है, फिर भी कंपनी के बड़े कस्टमर बेस, अपनी टेक्नोलॉजी और मजबूत कैश जनरेशन को सकारात्मक संकेत माना गया। जोखिम के रूप में कैपिटल एक्सपेंडिचर, प्रतिस्पर्धा, रेगुलेशन और एग्जीक्यूशन को उजागर किया गया।
मुख्य बातें
- जियो प्लेटफ़ॉर्म्स का IPO भारत का सबसे बड़ा IPO रहा (इश्यू साइज 30,200 करोड़ रुपये)।
- 1.38 करोड़ आवेदन – विश्व रिकॉर्ड।
- ग्रे मार्केट प्रीमियम 22% के आधार पर अनुमानित मार्केट कैप 12.5 लाख करोड़ रुपये।
- यदि 15% प्रीमियम लिस्टिंग पर मिलता है, तो जियो भारती एयरटेल को पीछे छोड़कर भारत की दूसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बन सकता है।
- जियो के फंड्स का 27,500 करोड़ रुपये कर्ज़ चुकाने के लिए, बाकी सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों के लिए।
- ब्रोकरेज फर्मों ने लंबी अवधि के निवेशकों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।
जियो प्लेटफ़ॉर्म्स की लिस्टिंग के बाद रिलायंस ग्रुप कुल लिस्टेड मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा लिस्टेड बिज़नेस ग्रुप बन जाएगा, जिससे भारतीय शेयर बाजार में नई प्रतिस्पर्धा और निवेश अवसर उत्पन्न होंगे।




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