जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ ने 100 मिनट में 2.35 गुना सब्सक्राइब, बोली 50,000 करोड़ से ऊपर
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जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का प्रारम्भिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) भारत के इतिहास में सबसे तेज़ सार्वजनिक पेशकश बन गया। लॉन्च के 100 मिनट के भीतर ही 30,213 करोड़ रुपये के प्रस्तावित मूल्य की पूरी पेशकश सब्सक्राइब हो गई और दोपहर तक इसकी कुल बोली 50,000 करोड़ रुपये से अधिक पहुँच गई, जो पेशकश किए गए शेयरों की 2.35 गुना मांग दर्शाती है।
मुख्य आँकड़े
- प्रस्तावित शेयर: 19.75 करोड़
- कुल बोली: 46.50 करोड़ शेयर
- संस्थागत निवेशकों की कुल मांग: 7.09 गुना सब्सक्राइब
- विदेशी संस्थागत निवेशकों की मांग: 14.97 करोड़ शेयर
- खुदरा (गैर‑संस्थागत) निवेशकों की मांग: 1.03 गुना सब्सक्राइब
- कर्मचारी एवं शेयरधारक सब्सक्रिप्शन: क्रमशः 1.15 गुना और 1.12 गुना
संस्थागत और विदेशी निवेशकों की भागीदारी
संस्थागत निवेशकों ने इस सबसे बड़े आईपीओ में अग्रणी भूमिका निभाई। योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए आरक्षित हिस्से में 4.90 करोड़ शेयरों की पेशकश के मुकाबले 34.77 करोड़ शेयरों की बोली मिली, जिससे 7.09 गुना सब्सक्रिप्शन हुआ। घरेलू वित्तीय संस्थानों ने 16.98 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 14.97 करोड़ शेयरों की मांग की, जिससे अंतरराष्ट्रीय पूँजी की मजबूत रुचि स्पष्ट हुई।
खुदरा निवेशकों की प्रतिक्रिया
खुदरा वर्ग में मांग अपेक्षाकृत कम रही, जहाँ 8.50 करोड़ शेयरों के आरक्षित हिस्से के मुकाबले केवल 4.91 करोड़ शेयरों की बोली लगी, जिससे 0.58 गुना सब्सक्रिप्शन हुआ। यह दर्शाता है कि संस्थागत वर्ग ने इस पेशकश में अधिक भागीदारी की है।
इतिहास में तुलना
जियो का आईपीओ पिछले बड़े सार्वजनिक निर्गमों से अलग है। बजाज हाउसिंग फाइनेंस का निर्गम लॉन्च के दोपहर तक पूरी तरह सब्सक्राइब हुआ था, जबकि एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया का 2025 में पहला दिन के अंत तक सब्सक्राइब हुआ। इसके विपरीत, हुंडई मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ 2024 में पहले दिन के अंत तक केवल 18% सब्सक्राइब हुआ। जियो का 27 करोड़ नए शेयर जारी करना, प्रति शेयर 1,065‑1,119 रुपये की मूल्य सीमा, और लगभग 108 अरब डॉलर का मूल्यांकन इसे भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक बनाता है।
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आँकड़े और आवंटन
जियो ने 212 एंकर निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर पर लगभग 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए थे। इस आवंटन की कुल मांग 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक थी, जो एंकर‑निवेशक बुकिंग के बाद संस्थागत निवेशकों की तीव्र प्रतिक्रिया को दर्शाता है।
भविष्य की संभावनाएँ
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ डिजिटल सेवाओं, क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में कंपनी की विस्तार महत्वाकांक्षा का परीक्षण है। 53.3 करोड़ ग्राहक आधार इस विस्तार की नींव है, और इस सार्वजनिक पूँजी जुटाने से कंपनी को नई तकनीकों में निवेश करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन मिलेंगे।
आगे का रास्ता
आईपीओ 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। निवेशकों को इस अवधि में अतिरिक्त बोली लगाने का अवसर मिलेगा, जबकि बाजार इस बड़े निर्गम के प्रभाव को देख रहा है। यदि मांग इस स्तर पर बनी रहती है, तो जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन और भी बढ़ सकता है, जिससे भारतीय शेयर बाजार में नई ऊँचाइयाँ स्थापित हो सकती हैं।




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