जियो लिस्टिंग से मार्केट कैप में 2.36 लाख करोड़ का इजाफा, एयरटेल को पीछे छोड़ देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी
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जियो प्लेटफॉर्म्स ने आज बीएसई में धूमधाम से लिस्टिंग की, जिससे कंपनी का मार्केट कैप 2.36 लाख करोड़ रुपये बढ़ा और वह भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई। इस लिस्टिंग ने टेलीकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धा को नया मोड़ दिया, जबकि एयरटेल के शेयरों में गिरावट देखी गई।
जियो की लिस्टिंग के मुख्य आंकड़े
बीएसई के आंकड़ों के अनुसार जियो प्लेटफॉर्म्स ने 21% से अधिक के प्रीमियम पर लिस्टिंग की। कारोबार के दौरान शेयर कीमत 23% प्रीमियम के साथ 1,375 रुपये तक पहुंची। इस उछाल से कंपनी का मार्केट कैप 10,30,490.55 करोड़ रुपये से बढ़कर 12,66,615.09 करोड़ रुपये हो गया, यानी 2.36 लाख करोड़ रुपये का इजाफा।
एयरटेल के शेयरों में गिरावट
जियो की तेज़ी के विपरीत एयरटेल के शेयरों में 2% से अधिक की गिरावट दर्ज हुई। सुबह 10:25 बजे शेयर 1,936.65 रुपये पर 2.09% गिरकर कारोबार कर रहा था, जबकि सत्र के दौरान लोअर लेवल 1,926.45 रुपये रहा। इस गिरावट के कारण एयरटेल का मार्केट कैप 12,34,371.11 करोड़ रुपये से घटकर 12,02,046.09 करोड़ रुपये हो गया, यानी लगभग 32,325 करोड़ रुपये का नुकसान।
समग्र बाजार पर प्रभाव
जियो की लिस्टिंग के दिन भारतीय शेयर बाजार में व्यापक गिरावट देखी गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10:30 बजे 955.27 अंकों की गिरावट के साथ 72,642.44 अंकों पर रहा, जबकि सत्र के अंत में 995.1 अंकों की गिरावट के साथ 72,603.57 अंकों पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 भी 249.95 अंकों की गिरावट के साथ 22,498.45 अंकों पर कारोबार कर रहा था, सत्र के अंत में 255 अंकों की गिरावट के साथ 22,497.70 अंकों पर बंद हुआ।
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मुख्य बातें
- जियो प्लेटफॉर्म्स ने 21% प्रीमियम पर लिस्टिंग की, शेयर 1,375 रुपये तक पहुंचे।
- लिस्टिंग के बाद मार्केट कैप 2.36 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 12,66,615.09 करोड़ रुपये हुआ।
- जियो अब भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी और सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन गई।
- एयरटेल के शेयर 2% से अधिक गिरे, मार्केट कैप में लगभग 32,325 करोड़ रुपये का नुकसान।
- लिस्टिंग के दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 900-1000 अंकों की गिरावट दर्ज हुई।
भविष्य की संभावनाएँ
विशेषज्ञों का मानना है कि जियो के शेयरों में लिस्टिंग के बाद अल्पकालिक उतार-चढ़ाव संभव है, क्योंकि निवेशकों की प्रतिक्रिया और टेलीकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धात्मक गतिशीलता दोनों ही कारक प्रभावी होंगे। एयरटेल को भी अपनी रणनीति पुनः मूल्यांकन करनी पड़ सकती है, ताकि वह बाजार में अपनी स्थिति को स्थिर रख सके।
जियो की इस लिस्टिंग ने भारतीय शेयर बाजार में नई ऊर्जा का संचार किया है, और टेलीकॉम उद्योग में प्रतिस्पर्धा को नई दिशा दी है। आगे के विकास को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहना और बाजार के संकेतों को निकटता से फॉलो करना आवश्यक होगा।




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