जीत रावल ने संन्यास का ऐलान: 38 साल की उम्र में क्रिकेट से विदा, अब CA बनेंगे
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न्यूज़ीलैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज और भारतीय मूल के क्रिकेटर जीत रावल ने 2026‑27 के घरेलू सीजन से ठीक पहले सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। 38 साल की उम्र में इस निर्णय को उन्होंने गर्व और संतुष्टि के साथ बताया, और अब अपने पेशेवर जीवन को चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के रूप में आगे बढ़ाने का इरादा जताया है।
क्रिकेट यात्रा की मुख्य झलकियाँ
जीत रावल का जन्म गुजरात में हुआ था और उन्होंने अहमदाबाद के विद्यानगर स्कूल में पार्थिव पटेल के साथ ओपनिंग पार्टनर के रूप में खेला। बाद में उनका परिवार न्यूज़ीलैंड के ऑकलैंड स्थानांतरित हुआ, जहाँ उन्होंने अंडर‑19 टीम में अपनी पहचान बनाई। दिसंबर 2008 में वेस्टइंडीज के खिलाफ फर्स्ट‑क्लास डेब्यू करने के बाद, 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया। 2016‑2020 के बीच उन्होंने न्यूज़ीलैंड के लिए 24 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 1 शतक और 7 अर्धशतक शामिल हैं।
फर्स्ट‑क्लास रिकॉर्ड
रावल ने अपने 292 फर्स्ट‑क्लास पारियों में 285 बार ओपनर के रूप में खेला, 37.36 की औसत से 10,127 रन बनाए। इसमें 23 शतक शामिल हैं। दिसंबर 2025 में वह न्यूज़ीलैंड के 30वें खिलाड़ी बने जिन्होंने फर्स्ट‑क्लास में 10,000 रन पूरे किए। प्लंकेट शील्ड में उन्होंने 8,662 रन बनाए, जो माइकल पैप्स, मैथ्यू सिंक्लेयर और पीटर फुल्टन के बाद चौथे स्थान पर है। 2024‑25 सीजन में उन्होंने नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स को प्लंकेट शील्ड का खिताब दिलाया।
संन्यास का कारण और भविष्य की योजना
संन्यास का ऐलान करते हुए रावल ने कहा, “यह फैसला मेरे लिए बड़े सम्मान और गर्व की बात है। ब्लैक कैप्स के लिए खेलना बचपन का सपना था और आज जब पीछे मुड़कर देखता हूँ तो गर्व होता है। यह सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि मेरे पिता का भी सपना था।” उन्होंने बताया कि अब वह ऑडिटिंग फर्म में CA के रूप में फुल‑टाइम काम करेंगे, जिससे उनका नया पेशा शुरू होगा।
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मुख्य बातें
- जीत रावल ने सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया, 2026‑27 के घरेलू सीजन से पहले।
- उम्र 38 साल, गुजरात में जन्म, ऑकलैंड में पले‑बढ़े।
- न्यूज़ीलैंड के लिए 2016‑2020 में 24 टेस्ट, 1 शतक, 7 अर्धशतक।
- फर्स्ट‑क्लास में 10,127 रन, 23 शतक, औसत 37.36।
- डिसंबर 2025 में 10,000 रन वाले 30वें न्यूज़ीलैंड खिलाड़ी।
- अब चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में फुल‑टाइम काम करेंगे।
जीत रावल की यह विदाई भारतीय मूल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में एक उल्लेखनीय कहानी को समाप्त करती है, जबकि उनका नया पेशा वित्तीय क्षेत्र में नई ऊर्जा लाएगा।




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