सरकार ने स्टारलिंक के स्पेक्ट्रम आवंटन पर सुरक्षा शर्तें रखी, सिंधिया ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा
2 मिनट में पढ़ें

स्टारलिंक को लेकर भारत सरकार ने एलन मस्क के आरोपों का स्पष्ट और कड़ा जवाब दिया। केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मुद्दे पर सरकार की स्थिति को स्पष्ट करते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने रखे।
स्पेक्ट्रम आवंटन पर नई सुरक्षा शर्तें
सिंधिया ने बताया कि उपग्रह संचार सेवाओं के लिए पहले ही तीन कंपनियों को लाइसेंस प्रदान कर दिया गया है। इन कंपनियों को भारत में स्पेक्ट्रम आवंटित करने से पहले सरकार द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा शर्तों को पूरी तरह से पूरा करना अनिवार्य होगा। यह शर्तें राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया
स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए कंपनियों को निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:
- सुरक्षा शर्तों की पूरी सूची का अध्ययन और समझ।
- सभी शर्तों के अनुपालन का प्रमाण प्रस्तुत करना।
- प्रासंगिक विभागों से मंजूरी प्राप्त करना।
- अंतिम लाइसेंस जारी होने के बाद ही स्पेक्ट्रम का उपयोग शुरू करना।
एलन मस्क के आरोपों पर सरकार का जवाब
एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक के स्पेक्ट्रम आवंटन में देरी और अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया था। इस पर सरकार ने कहा कि सभी प्रक्रियाएँ पारदर्शी और नियामक मानकों के अनुसार चल रही हैं। किसी भी कंपनी को स्पेक्ट्रम मिलने से पहले सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है, यह बात दोहराई गई।
आपके लिए संबंधित खबरें
कांग्रेस पर भी सवाल
सिंधिया ने इस अवसर पर कांग्रेस को भी निशाना बनाया, यह संकेत देते हुए कि विपक्षी दल ने इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए उठाया है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने इस विवाद को उठाकर सरकार की नीतियों को बदनाम करने की कोशिश की है, जबकि वास्तविक मुद्दा सुरक्षा शर्तों का पालन है।”
मुख्य बातें
- तीन उपग्रह संचार कंपनियों को पहले ही लाइसेंस मिल चुका है।
- स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए सभी सुरक्षा शर्तों का पूर्ण अनुपालन आवश्यक है।
- सरकार ने एलन मस्क के आरोपों को खारिज कर पारदर्शी प्रक्रिया का दावा किया।
- कांग्रेस को राजनीतिक कारणों से इस मुद्दे को उठाने का आरोप लगाया गया।
सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि भविष्य में भी स्पेक्ट्रम आवंटन में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी और सभी कंपनियों को समान नियमों के तहत ही कार्य करने की अनुमति होगी।




टिप्पणियाँ
0