₹18 हजार सैलरी से ₹75 लाख की संपत्ति, 26 साल के अर्जुन की कहानी
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₹18 हजार सैलरी से ₹75 लाख की संपत्ति, 26 साल के अर्जुन ने कैसे किया कमाल?
कम सैलरी से शुरुआत करने के बाद बेहतर करियर और अनुशासित निवेश के जरिए आर्थिक स्थिति मजबूत करने की कहानी मध्य प्रदेश के उज्जैन के अर्जुन परमार से जुड़ी है। TV9 हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, अर्जुन ने 2023 में करीब ₹18,000 महीने की टेक्नोलॉजी नौकरी से करियर शुरू किया था। तीन साल के भीतर उनकी सालाना कंपनी लागत (CTC) करीब ₹50 लाख तक पहुंच गई और उनकी वित्तीय संपत्ति लगभग ₹65–75 लाख बताई गई है।
₹18 हजार की सैलरी से शुरू हुआ सफर
अर्जुन ने 2023 में टेक महिंद्रा में सॉफ्टवेयर ट्रेनी/डेवलपर के रूप में नौकरी शुरू की। उनकी शुरुआती मासिक इन-हैंड सैलरी करीब ₹18,000 थी।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद सॉफ्टवेयर क्षेत्र में नौकरी पाने के लिए उन्होंने प्रोग्रामिंग, डेटा स्ट्रक्चर और एल्गोरिदम की तैयारी की। कोविड महामारी के दौरान कोडिंग सीखने पर उनका ध्यान बढ़ा, जिसने आगे करियर बदलने में मदद की।
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नौकरी बदली तो बढ़ी कमाई
अक्टूबर 2024 में अर्जुन ने एक्सेंचर में नौकरी जॉइन की। इसके बाद उनका सालाना पैकेज करीब ₹12 लाख हो गया। बेंगलुरु में रहने के दौरान उन्होंने खर्चों को नियंत्रित रखने और निवेश बढ़ाने पर ध्यान दिया।
अगस्त 2025 में उन्हें एक अन्य बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी में करीब ₹45 लाख CTC का पैकेज मिला। हालांकि, मई 2026 में कंपनी के पुनर्गठन के दौरान उनकी नौकरी चली गई। बाद में उन्होंने दोबारा तकनीकी इंटरव्यू की तैयारी की और सितंबर 2026 में करीब ₹50 लाख सालाना CTC वाली नौकरी हासिल की।
₹5,000 की SIP से निवेश की शुरुआत
अर्जुन ने 2023 के अंत में इंडेक्स म्यूचुअल फंड में ₹5,000 की मासिक SIP शुरू की थी। कमाई बढ़ने के साथ उन्होंने निवेश की राशि भी बढ़ाई।
रिपोर्ट के अनुसार, अब उनके वित्तीय पोर्टफोलियो में म्यूचुअल फंड, शेयर, कंपनी के वेस्टेड RSU, इमरजेंसी फंड, सोना, EPF और अन्य बचत शामिल हैं। म्यूचुअल फंड में उनकी संपत्ति करीब ₹35–40 लाख बताई गई है।
माता-पिता के लिए खरीदा घर
अर्जुन ने 2026 में अपने गृह नगर उज्जैन में माता-पिता के लिए करीब ₹40–45 लाख का घर खरीदा। इसके लिए उन्होंने लगभग ₹8–10 लाख का डाउन पेमेंट किया और बाकी रकम के लिए होम लोन लिया।
उनके लिए यह फैसला केवल निवेश नहीं, बल्कि परिवार को अपना घर देने का लक्ष्य भी था।
अर्जुन की कहानी से क्या सीख मिलती है?
अर्जुन की यात्रा में तीन बातें प्रमुख हैं—नई स्किल सीखना, बेहतर अवसरों के लिए नौकरी बदलना और आय बढ़ने के साथ निवेश बढ़ाना। नौकरी छूटने के अनुभव ने उन्हें इमरजेंसी फंड रखने की अहमियत भी समझाई।
हालांकि, उनकी संपत्ति और आय के आंकड़े व्यक्तिगत रिपोर्ट पर आधारित हैं। हर व्यक्ति की कमाई, निवेश का जोखिम और आर्थिक स्थिति अलग होती है। म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेश पर रिटर्न की गारंटी नहीं होती।




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