ग्रेटर नोएडा में एनसीबी ने दो सिंग्रेट ड्रग लैबों को 45 करोड़ की बरामदगी के साथ भंडाफोड़ किया
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ग्रेटर नोएडा में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ नॅशनल केस ब्यूरो (NCB) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई अंजाम दी। गुप्त खुफिया जानकारी के आधार पर दो अंडरग्राउंड सिंथेटिक ड्रग लैबों का पर्दाफाश किया गया, जहाँ 45 करोड़ रुपये मूल्य की उच्च गुणवत्ता वाली सिंथेटिक ड्रग्स, भारी मात्रा में केमिकल और आधुनिक निर्माण उपकरण बरामद हुए।
ऑपरेशन का विवरण
NCB ने एक रिहायशी मकान के भीतर दो अलग‑अलग लैबों को पकड़ा। लैबों में तैयार ड्रग्स के साथ‑साथ कच्चे केमिकल, रिएक्टर, क्रोमैटोग्राफी सेट‑अप और अन्य उन्नत उपकरण मिले। इस कार्रवाई में एक विदेशी नागरिक और दो मुख्य भारतीय आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
गृह मंत्री की प्रतिक्रिया
ऑपरेशन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर एनसीबी टीम की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशा मुक्त भारत’ के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2029 से पहले सभी ड्रग कार्टेल और सिंडिकेट को समाप्त करना है।
स्थानीय पुलिस की निगरानी पर सवाल
ऐसे बड़े पैमाने पर ड्रग निर्माण को स्थानीय थाना पुलिस को नज़र न लगना एक गंभीर मुद्दा बन गया। स्रोतों के अनुसार, यह लैब एक सामान्य रिहायशी मकान में चल रही थी और स्थानीय पुलिस ने अभी तक मकान मालिक व निवासियों से पूछताछ शुरू की है। 2024‑2025 में भी ग्रेटर नोएडा में बड़े ड्रग नेटवर्क पकड़े गए थे, पर 2026 में फिर से ऐसी लैब का पता चलना निगरानी में ढिलाई को दर्शाता है।
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जांच की आगे की दिशा
लैब संचालकों की गिरफ्तारी से नेटवर्क का अंत नहीं माना जा रहा। जांच एजेंसियों को अब यह पता लगाना है कि केमिकल कहाँ से आ रहे हैं और तैयार माल की सप्लाई किन‑किन क्षेत्रों में हो रही है। गिरफ्तार विदेशी नागरिक से पूछताछ के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट और स्थानीय मददगारों की कड़ियाँ जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
मुख्य बातें
- NCB ने ग्रेटर नोएडा में दो सिंथेटिक ड्रग लैबों को भंडाफोड़ किया।
- लगभग 45 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स, केमिकल और आधुनिक उपकरण बरामद हुए।
- एक विदेशी नागरिक और दो भारतीय मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
- गृह मंत्री अमित शाह ने कार्रवाई की सराहना की और ‘नशा मुक्त भारत’ के लक्ष्य को दोहराया।
- स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे, क्योंकि ऐसी बड़ी लैब को पहले नहीं पकड़ा गया।
- जांच का फोकस अब केमिकल सप्लाई चैन और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर है।
यह भंडाफोड़ न केवल नशे के खिलाफ सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि भविष्य में ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए निगरानी एवं खुफिया सहयोग को सुदृढ़ करने की आवश्यकता को भी उजागर करता है।




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