इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस भर्ती में ऊंचाई‑सीने की दोबारा नाप का आदेश दिया
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस सिपाही भर्ती 2025 के संबंध में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। कोर्ट ने अभ्यर्थियों की ऊंचाई और छाती (सीने) की दोबारा नाप करने का निर्देश दिया और इस कार्य के लिए लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) को एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया। यह कदम 31 अक्टूबर को लागू होगा।
आदेश की पृष्ठभूमि
उम्मीदवार अनुज कुमार और 60 अन्य अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने शारीरिक माप के मानकों में त्रुटियों और संभावित पक्षपात के बारे में चिंता जताई। कोर्ट ने कुल 47 याचिकाओं पर सुनवाई की, जिसमें से छह याचिकाओं को खारिज कर दिया गया, तीन याचिकाओं को दो हफ्ते बाद पुनः लिस्ट करने का निर्देश दिया गया और पाँच रिट याचिकाओं को अलग किया गया।
मेडिकल बोर्ड का गठन
कोर्ट ने केजीएमयू के प्रिंसिपल को एक विशेष मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया। यह बोर्ड अभ्यर्थियों की ऊंचाई और छाती की दोबारा माप करेगा और परिणाम को सील बंद लिफाफे में कोर्ट में प्रस्तुत करेगा। जस्टिस मनीष कुमार निगम ने इस मामले की सुनवाई की और चार नवंबर को अगली सुनवाई निर्धारित की।
मुख्य बातें
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस सिपाही भर्ती 2025 के अभ्यर्थियों की ऊंचाई‑सीने की दोबारा नाप का आदेश दिया।
- लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी को मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश मिला।
- आदेश 31 अक्टूबर को लागू होगा; बोर्ड की रिपोर्ट चार नवंबर को कोर्ट में पेश की जाएगी।
- कुल 47 याचिकाओं पर सुनवाई हुई, जिसमें से छह खारिज, तीन दो हफ्ते बाद लिस्ट, पाँच रिट याचिकाएँ अलग।
- जस्टिस मनीष कुमार निगम ने इस मामले की सुनवाई की।
आगे की कार्यवाही
केजीएमयू द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड 31 अक्टूबर को अभ्यर्थियों की शारीरिक माप की दोबारा जांच करेगा। परिणामों को सील बंद लिफाफे में कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी। चार नवंबर को अगली सुनवाई में बोर्ड की रिपोर्ट पर चर्चा होगी।
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इस आदेश के बाद यूपी पुलिस भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक मानकों की पुनः जाँच को लेकर अपेक्षित स्पष्टता और न्यायसंगतता की उम्मीद की जा रही है।




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