पवन सिंह को पत्नी के मेंटेनेंस केस में कोर्ट ने 3,000 रुपये का जुर्माना
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भोजपुरी फिल्म जगत के लोकप्रिय एक्टर पवन सिंह, जो बिहार में बीजेपी के एमएलसी भी हैं, फिर से निजी जीवन के विवाद में फँसे हैं। उत्तर प्रदेश की फैमिली कोर्ट ने उनकी पत्नी ज्योति सिंह द्वारा दायर मेंटेनेंस केस में पवन सिंह के अनुपस्थित रहने पर 3,000 रुपये का जुर्माना लगाया। इस लेख में केस की पूरी पृष्ठभूमि, सुनवाई की तिथियां और दोनों पक्षों के बयानों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
केस की पृष्ठभूमि
ज्योति सिंह ने 22 अप्रैल, 2022 को पवन सिंह के खिलाफ भरण‑पोषण (मेंटेनेंस) के लिए फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में उन्होंने कहा कि शादी के बाद से पवन सिंह ने आर्थिक समर्थन नहीं दिया और उनके जीवन यापन के लिए उचित भरण‑पोषण नहीं दिया गया। यह मामला चार साल पहले दर्ज किया गया था।
सुनवाई की तिथियां और जुर्माने
केस की पहली सुनवाई 5 नवंबर, 2022 को हुई, जब पवन सिंह ने कोर्ट में पेश हुए। इसके बाद 9 सितंबर और 5 अक्टूबर को दो बार सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर उन्हें 1,000‑1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
अंतिम सुनवाई शनिवार को निर्धारित थी, लेकिन पवन सिंह फिर से कोर्ट में नहीं पहुंचे। इस अनुपस्थिति के कारण अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश कमलापति प्रजापति ने 3,000 रुपये का जुर्माना तय किया।
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पवन सिंह की अनुपस्थिति का कारण
पवन सिंह के वकील ने कोर्ट को बताया कि उनके पिता की माँ, प्रतिमा देवी, की तबीयत बिगड़ गई थी, इसलिए पवन सिंह सुनवाई में नहीं आ सके। इस बात को साबित करने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट और मध्यस्थता की अर्जी भी अदालत में पेश की गई।
ज्योति सिंह का बयान
ज्योति सिंह ने अपने वकील के साथ कोर्ट में उपस्थित होकर पवन सिंह पर आरोप लगाया कि वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके न्यायिक प्रक्रिया को बाधित कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “यह मामला चार साल पहले दर्ज किया गया था, मेरी सब्र की भी एक सीमा है, मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई है।”
मुख्य बातें
- ज्योति सिंह ने 22 अप्रैल, 2022 को मेंटेनेंस के लिए याचिका दायर की।
- पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी 6 मार्च, 2018 को हुई।
- पहले दो सुनवाई में अनुपस्थिति पर पवन सिंह को कुल 2,000 रुपये का जुर्माना लगा।
- अंतिम सुनवाई में अनुपस्थिति पर अतिरिक्त 3,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
- पवन सिंह के वकील ने अनुपस्थिति का कारण माँ की बीमारी बताया और मेडिकल सर्टिफिकेट पेश किया।
- ज्योति सिंह ने कोर्ट में अपने पति पर प्रभाव का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
आगे की प्रक्रिया
जुर्माने के साथ-साथ कोर्ट ने मामले की आगे की सुनवाई निर्धारित की है। यदि पवन सिंह भविष्य में भी कोर्ट में नहीं आते हैं, तो अतिरिक्त दंड या कानूनी कार्रवाई की संभावना बनी रहती है। दोनों पक्षों को मध्यस्थता के माध्यम से समाधान खोजने की भी सलाह दी गई है।
यह मामला सार्वजनिक रूप से चर्चा में है क्योंकि पवन सिंह न केवल फिल्म उद्योग में बल्कि राजनीति में भी सक्रिय हैं। उनके निजी जीवन के इस विवाद का प्रभाव उनके सार्वजनिक छवि और भविष्य की राजनीतिक योजनाओं पर भी पड़ सकता है।




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