G7 देशों ने 10 करोड़ बैरल तेल‑डीजल जारी करने का बड़ा फैसला किया
3 मिनट में पढ़ें

G7 देशों ने शुक्रवार को आपातकालीन भंडार से 10 करोड़ बैरल कच्चा तेल और डीजल जारी करने का ऐतिहासिक फैसला किया। यह कदम अमेरिकी ईंधन कीमतों के रिकॉर्ड स्तर, रूस‑यूक्रेन युद्ध से उत्पन्न आपूर्ति‑संकट और संभावित निर्यात प्रतिबंधों के बीच बाजार को स्थिर करने के उद्देश्य से उठाया गया।
निर्णय की पृष्ठभूमि
अमेरिका में हाल ही में गैसोलिन और डीजल की कीमतें 6.52 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई थीं, जबकि यूरोप में भी डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर थीं। इस कीमत‑उछाल के कारण ट्रम्प प्रशासन पर मध्यावधि चुनावों से पहले कीमतों को नियंत्रित करने का दबाव बढ़ा। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर इस कदम की घोषणा की और कहा कि डीजल जारी करने का काम तुरंत शुरू होगा, अगले 20 दिनों में बड़ी मात्रा में डीजल जारी किया जाएगा और शेष चार महीनों में जारी किया जाएगा।
G7 का संयुक्त बयान
फ्रांस की अध्यक्ष इमैन्युएल मैक्रों की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद G7 देशों ने एक संयुक्त बयान जारी किया। इस बयान में कहा गया कि समूह के सदस्य (कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूके, यूएस और EU प्रतिनिधित्व) अगले हफ्तों में 10 करोड़ बैरल तेल‑डिजल जारी करेंगे। मैक्रों ने कहा, “इस साझा फैसले और एकता से कीमतें कम होनी चाहिए और बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी।”
बाजार पर संभावित असर
एनर्जी पॉलिसी रिसर्च फाउंडेशन के फेलो माइकल लिंच ने बताया कि यूरोप में डीजल जारी करने से अमेरिकी डीजल निर्यात में कमी आ सकती है, जिससे कुछ हफ़्तों में कीमतें प्रति गैलन 25‑50 सेंट तक घट सकती हैं। हालांकि, ऑयल मार्केट के जानकारों का कहना है कि यदि अमेरिका एक्सपोर्ट पर रोक लगाता है तो अल्पकाल में कीमतें घट सकती हैं, पर दीर्घकाल में गैसोलीन सप्लाई घटने से उल्टा असर हो सकता है।
आपके लिए संबंधित खबरें
रूस‑यूक्रेन युद्ध और निर्यात प्रतिबंध
रूस की रिफाइनरियों पर यूक्रेन के ड्रोन हमलों के कारण रूस‑उत्पादित डीजल की निर्यात पर प्रतिबंध लगा है। यूरोप रूस से डीजल आयात नहीं करता, पर तुर्की और लैटिन अमेरिकी देशों को अब यूरोप से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ेगी। इस कारण फारस की खाड़ी के उत्पादकों से रिफाइंड उत्पादों की शिपमेंट में कमी आई है, जिससे अमेरिकी तेल कीमतें 2% गिर गईं।
अमेरिकी नीति पर विवाद
कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने घरेलू कीमतें घटाने के लिए डीजल एक्सपोर्ट पर रोक लगाने की मांग की थी। लेकिन G7 के बयान में सभी सदस्य देशों ने ऊर्जा निर्यात सीमित न करने पर सहमति जताई। ट्रम्प ने कहा, “हम एक्सपोर्ट पर रोक नहीं लगाने जा रहे हैं।”
विशेषज्ञों की राय
राइस यूनिवर्सिटी के जिम क्रेन ने कहा कि इमरजेंसी स्टॉक जारी करना अल्पकालिक समाधान है, पर दीर्घकाल में यूरोप को अपने स्ट्रैटेजिक रिज़र्व को फिर से भरना पड़ेगा। दो चल रहे युद्धों और निर्यात पर प्रतिबंधों के कारण इमरजेंसी स्टॉक का उपयोग जोखिमपूर्ण हो सकता है।
मुख्य बातें
- G7 ने आपातकालीन भंडार से 10 करोड़ बैरल कच्चा तेल और डीजल जारी करने का फैसला किया।
- डिजल जारी करने का काम अगले 20 दिनों में शुरू होगा, शेष चार महीनों में जारी रहेगा।
- अमेरिका में डीजल की औसत कीमत 6.37 डॉलर/गैलन, सितंबर में रिकॉर्ड 6.52 डॉलर तक पहुंची।
- रूस‑यूक्रेन युद्ध और निर्यात प्रतिबंधों से यूरोप में डीजल सप्लाई पर दबाव बढ़ा।
- विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकाल में कीमतें घट सकती हैं, पर दीर्घकाल में स्टॉक खाली करने से जोखिम बढ़ेगा।




टिप्पणियाँ
0