दिवाली 2026: दक्षिणावर्ती शंख स्थापित करने की विधि और शास्त्रीय महत्व
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दिवाली की रात मां लक्ष्मी की पूजा के साथ कई घरों में सोने‑चांदी के सिक्के, कौड़ियां, गोमती चक्र जैसी वस्तुएँ लायी जाती हैं। इन वस्तुओं के अलावा एक विशेष शंख – दक्षिणावर्ती शंख – को भी स्थापित करना शुभ माना जाता है। इस लेख में हम दक्षिणावर्ती शंख की धार्मिक महत्ता, स्थापना की सही विधि, उपयोगी मंत्र और वास्तु‑दिशा के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे।
दक्षिणावर्ती शंख क्यों विशेष माना जाता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दक्षिणावर्ती शंख का संबंध सीधे मां लक्ष्मी से जोड़ा गया है। सामान्य शंख का मुख बाईं ओर होता है, जबकि दक्षिणावर्ती शंख का मुख दाईं ओर होता है, जिससे इसे दुर्लभ और शुभ प्रतीक माना जाता है। पौराणिक कथा में समुद्र मंथन से लक्ष्मी के प्रकट होने की कहानी के साथ शंख को जोड़ते हुए इसे लक्ष्मी‑संबंधी वस्तु के रूप में विशेष महत्व दिया गया है। ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है कि जहाँ दक्षिणावर्ती शंख की श्रद्धापूर्वक पूजा होती है, वहाँ सुख‑शांति, समृद्धि और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।
दिवाली पर दक्षिणावर्ती शंख स्थापित करने की सही विधि
दिवाली की शाम मां लक्ष्मी एवं भगवान गणेश जी के पूजन के समय शंख स्थापित करना शुभ माना जाता है। नीचे दी गई चरण‑बद्ध विधि का पालन करें:
- शंख को स्वच्छ जल से अच्छी तरह साफ करें।
- पूजा स्थल पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएँ।
- साफ़ कपड़े पर शंख रखें और उस पर गंगाजल या शुद्ध जल छिड़कें।
- शंख पर अक्षत (चावल), चंदन और ताजे फूल अर्पित करें।
- मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएँ।
- शंख को चावल या स्वच्छ वस्त्र पर रखें और नियमित रूप से पूजा करें।
दक्षिणावर्ती शंख के लिए उपयोगी मंत्र
पूजा के दौरान निम्नलिखित मंत्रों का जाप किया जा सकता है:
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ऊँ ह्रीं श्रीं नम: श्रीधरकरस्थाय पयोनिधिजातायंलक्ष्मीसहोदराय फलप्रदाय फलप्रदायश्री दक्षिणावर्त्त शंखाय श्रीं ह्रीं नम:।ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
इन मंत्रों के निरंतर जाप से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होने और घर में धन‑धान्य की वृद्धि की मान्यता है।
शंख को रखने की दिशा और वास्तु नियम
- शंख को घर के पूजा स्थल में स्वच्छ स्थान पर रखें।
- लाल या पीले वस्त्र पर शंख स्थापित करना अधिक शुभ माना जाता है।
- शंख को हमेशा साफ‑सुथरा रखें और नियमित रूप से पूजा करें।
- शंख में चावल या चांदी का सिक्का डाल कर रखना अत्यंत शुभ माना जाता है।
- शंख के पास गंदगी या अनावश्यक वस्तुएँ न रखें; इसे किसी के पैर के नीचे न रखें।
मुख्य बातें
- दक्षिणावर्ती शंख का मुख दाईं ओर होता है, जिससे इसे लक्ष्मी‑प्रिय माना जाता है।
- पूजा स्थल पर लाल/पीला कपड़ा, गंगाजल, अक्षत, चंदन और फूल अर्पित करके शंख स्थापित करें।
- धन‑धान्य, वैभव और स्वास्थ्य हेतु विशेष मंत्रों का जाप करें।
- वास्तु अनुसार शंख को स्वच्छ, उज्ज्वल स्थान पर रखें और नियमित रूप से साफ‑सफाई करें।
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य ज्ञान पर आधारित है। GBNews India इसकी पुष्टि नहीं करता। किसी भी सुझाव के लिए hello@astropatri.com पर संपर्क किया जा सकता है।




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