जनसुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया हेड देवपालिक गुप्ता की मौत: भाई ने 17 किमी तक रेलवे ट्रैक पर खोजी
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जनसुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया हेड देवपालिक गुप्ता की झारखंड में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है। उनके बड़े भाई तारकेश्वर गुप्ता ने रेलवे पुलिस (GRP‑RPF) के सहयोग से लगभग 17 किमी तक रेलवे ट्रैक के किनारे पैदल खोजबीन की, जहाँ झाड़ियों में उनका शव मिला।
घटना की पृष्ठभूमि
देवपालिक गुप्ता, कुशीनगर (बिहार) के गोड़रिया गांव के रहने वाले थे। 25 अक्टूबर को वे रांची में दो अन्य लोगों के साथ प्रेस क्लब में रुके थे। अगले दिन वे जनशताब्दी एक्सप्रेस से पटना के लिए रवाना हुए, लेकिन ट्रेन से लापता हो गए। साथियों ने तुरंत उनके बड़े भाई तारकेश्वर गुप्ता को फोन कर सूचना दी।
खोज की प्रक्रिया
रांची पहुंचने के बाद तारकेश्वर गुप्ता ने जीआरपी और आरपीएफ की मदद से भाई की तलाश शुरू की। वे रेलवे ट्रैक के किनारे लगभग 17 किमी तक पैदल खोजबीन करते रहे। इस दौरान उनका मोबाइल बंद आ रहा था, जिससे परिवार में चिंता बढ़ी।
शव की प्राप्ति
रांची जिले के अनगड़ा थाना क्षेत्र के बरवादाग में रेलवे ट्रैक के पास झाड़ियों में उनका शव मिला। शव पर सिर में चोट के निशान देखे गए। वर्तमान में शव को पोस्टमार्टम के लिए रखा गया है और पोस्टमार्टम के बाद पैतृक गांव लाने की तैयारी है।
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देवपालिक गुप्ता का प्रोफ़ाइल
देवपालिक तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटे थे। उन्होंने कुशीनगर में प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त की, फिर नोएडा में बी‑टेक किया और 2018 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मास कम्युनिकेशन की डिग्री पूरी की। कोविड के बाद 2024 में वे प्रशांत किशोर की आई‑पैक टीम से जुड़े और जनसुराज पार्टी के गठन के बाद डिजिटल मीडिया हेड की जिम्मेदारी संभाली।
परिवार और पार्टी की प्रतिक्रिया
परिवार ने इस घटना को लेकर गहरा शोक व्यक्त किया और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। पार्टी ने भी जांच की आवश्यकता पर बल दिया। अभी तक मौत की परिस्थितियों को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकला है; आगे की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही सच्चाई स्पष्ट होगी।
मुख्य बातें
- देवपालिक गुप्ता 25 अक्टूबर को रांची में प्रेस क्लब में थे, अगले दिन जनशताब्दी एक्सप्रेस से पटना के लिए रवाना हुए और ट्रेन से लापता हो गए।
- बड़े भाई तारकेश्वर गुप्ता ने GRP‑RPF के साथ लगभग 17 किमी तक रेलवे ट्रैक पर पैदल खोजबीन की।
- रांची के बरवादाग में झाड़ियों में उनका शव मिला, सिर पर चोट के निशान देखे गए।
- शव को पोस्टमार्टम के बाद पैतृक गांव लाने की तैयारी है।
- परिवार और जनसुराज पार्टी ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।




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