दिल्ली‑मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन: AAP और CJP ने उठाया SIR‑मतदाता सूची मुद्दा
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गांधी जयंती के दिन दिल्ली और मुंबई की सड़कों पर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध की आवाज़ गूँजी। आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली में, जबकि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुंबई के शिवाजी पार्क में, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और SIR (सिस्टमेटिक इन्फॉर्मेशन रिव्यू) तथा मतदाता सूची से नाम हटाने के मामलों को लेकर आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
दिल्ली में AAP का प्रदर्शन
दिल्ली में AAP के कई वरिष्ठ नेता—राज्यसभा सांसद संजय सिंह, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा, पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा—सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया। जंतर‑मंतर के आसपास पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की, लेकिन एक हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। इन नेताओं को भी पुलिस कार्रवाई के दौरान हिरासत में ले लिया गया।
मुंबई में CJP का प्रदर्शन
मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शिवाजी पार्क में बिना अनुमति के प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और तिरंगे को लेकर लोकतंत्र की रक्षा का नारा लगाया। भारी पुलिस बल तैनात था, फिर भी कई लोग बच्चों सहित पार्क में पहुंचे। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि वह पुणे से अपने बच्चों को लेकर आया है।
मुख्य बातें
- दोनों शहरों में चुनाव आयोग की SIR और मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर विवाद है।
- दिल्ली में AAP के कई नेता और कार्यकर्ता पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए।
- मुंबई में CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की, जबकि प्रदर्शन को अनुमति नहीं मिली।
- पुलिस ने दोनों स्थानों पर भारी बंदोबस्त किया, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा।
- आंदोलनकारियों ने तिरंगे को लेकर लोकतंत्र और सार्वजनिक जवाबदेही की मांग की।
चुनाव आयोग का पक्ष
चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) का उद्देश्य डुप्लिकेट और अयोग्य प्रविष्टियों को हटाना है, जिससे चुनावी प्रक्रिया साफ‑सुथरी बनी रहे। आयोग ने कहा कि उसके सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और वह पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है।
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पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चुनाव आयोग को अधिक पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता का भरोसा ही आयोग की ताकत है, इसलिए किसी भी संदेह को तथ्य‑आधारित उत्तरों से दूर करना आवश्यक है।
भविष्य की दिशा
दिल्ली‑मुंबई के प्रदर्शन ने चुनाव आयोग पर राजनीतिक और सार्वजनिक दबाव को बढ़ा दिया है। अब आयोग को न केवल आरोपों को खारिज करना, बल्कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवालों का स्पष्ट, प्रमाण‑आधारित उत्तर देना होगा, जिससे मतदाता का भरोसा पुनः स्थापित हो सके।




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