दिल्ली में डिजिटल अरेस्ट गैंग का पर्दाफाश, कंबोडिया से जुड़ा कनेक्शन, JK‑राजस्थान से दो आरोपी अरेस्ट
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दिल्ली पुलिस ने साइबर थाने के माध्यम से एक बड़े डिजिटल अरेस्ट ठगी गिरोह को उजागर किया है। इस गिरोह ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ितों को डराया और लाखों रुपये डिजिटल ट्रांसफर करवाए। जांच में कंबोडिया से जुड़े कनेक्शन और कई राज्यों में फंड फ्लो का पता चला, जिससे दो मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
डिजिटल अरेस्ट ठगी का modus operandi
डिजिटल अरेस्ट एक साइबर धोखाधड़ी का नया रूप है, जिसमें ठग ऑनलाइन वीडियो कॉल के जरिए स्वयं को पुलिस या सरकारी अधिकारी प्रस्तुत करता है। वह पीड़ित को डराकर घर में बंधक बना लेता है, उन्हें बाहर नहीं निकलने या किसी से बात न करने की चेतावनी देता है और फिर नकद या बैंक ट्रांसफर के माध्यम से पैसे निकाल लेता है।
पड़ताल के प्रमुख बिंदु
साउथ डिस्ट्रिक्ट की साइबर थाना ने दो मुख्य आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया।
- रितिश कुमार मेहरा, निवासी कठुआ, जम्मू‑कश्मीर (J&K)
- मुकेश कुम्हार, निवासी भीलवाड़ा, राजस्थान
जांच में पता चला कि पहली बार ठगी की रकम मुकेश कुम्हार के फेडरल बैंक अकाउंट (भीलवाड़ा) में जमा हुई, फिर 5.5 लाख रुपये रितिश कुमार मेहरा के कोटक महिंद्रा बैंक अकाउंट (कठुआ) में ट्रांसफर हुई। मुकेश कुम्हार के एक अन्य अकाउंट में लगभग 50 लाख रुपये के ट्रांजैक्शन और 10 अलग‑अलग NCRP शिकायतें जुड़ी हुई थीं।
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कंबोडिया से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
तकनीकी जांच से यह स्पष्ट हुआ कि इस धोखाधड़ी के पीछे कंबोडिया से जुड़े नेटवर्क हैं। पुलिस ने इस कनेक्शन की विस्तृत जांच जारी रखी है, जिससे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को सुदृढ़ किया जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की योजना
साइबर थाने ने कठुआ (J&K) और भीलवाड़ा (राजस्थान) से दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि गिरोह डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर विभिन्न राज्यों के बैंक खातों में फंड घुमाता था। अब तक की जांच में कई ट्रांजैक्शन और शिकायतें सामने आई हैं, और आगे की जांच जारी है।
मुख्य बातें
- डिजिटल अरेस्ट ठगी में व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया जाता है।
- गिरोह ने लाखों रुपये विभिन्न राज्य के बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए।
- मुख्य आरोपी: रितिश कुमार मेहरा (कठुआ, J&K) और मुकेश कुम्हार (भीलवाड़ा, राजस्थान)।
- तकनीकी जांच से कंबोडिया से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का पता चला।
- पुलिस ने दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, आगे की जांच जारी है।
डिजिटल अरेस्ट जैसी नई साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए नागरिकों को सतर्क रहने और किसी भी आधिकारिक कॉल या वीडियो कॉल की सत्यता की जाँच करने की सलाह दी गई है।




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