चूरू में सरपंच चुनाव की जिद ने परिवार को उजाड़ा: पिता ने बेटे‑बहू को बोलेरो से मार डाला
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राजस्थान के चूरू जिले के चंगोई गांव में सरपंच पद की जिद ने एक परिवार को दो मौतों के साथ उजाड़ दिया। पिता रामचंद्र जाट (60) ने अपने इकलौते बेटे रविंद्र (40) और बहू महिंद्रा (35) को बोलेरो से कुचलकर मार डाला, जब वे चुनाव से रोकने के विरोध में थे। यह घटना 16 नवंबर को होने वाले पंचायत चुनाव के पहले ही हुई, जिससे ग्रामीणों में शोक और गुस्सा दोनों का माहौल बन गया।
घटना की पृष्ठभूमि
रामचंद्र जाट, जो चंगोई गांव में धर्मकांटा चलाते हैं, सरपंच पद के चुनाव में भाग लेना चाहते थे। उनका इकलौता बेटा रविंद्र और बहू महिंद्रा ने कई दिनों से इस बात पर विरोध किया कि पिता चुनाव में उतरें। परिवार में इस मुद्दे पर लगातार विवाद चलता रहा। मंगलवार रात, 12:50 बजे के करीब, तारानगर तहसील में यह हिंसक घटना घटी।
हत्याकांड का विवरण
विवाद के बाद रविंद्र और महिंद्रा अपने घर से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित धर्मकांटे पर चले गए। वहीं से लौटते समय, रामचंद्र ने बोलेरो लेकर पीछे से उनका पीछा किया और गाड़ी से उन्हें कुचल दिया। दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने रामचंद्र को हिरासत में ले लिया और बोलेरो जब्त कर ली।
पुलिस कार्रवाई
तारानगर के डीएसपी रोहित सांखला ने बताया कि मृतका के पिता शीशराम ने रामचंद्र के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और बोलेरो को जब्त कर लिया। बुधवार दोपहर, सरकारी अस्पताल में पोस्ट‑मॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे गए।
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आरोपी की थाने में पिटाई
घटना के बाद बुधवार को जब रामचंद्र तारानगर थाने में था, तो महिंद्रा के मायके पक्ष के लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच‑बचाव कर आरोपी को छुड़ाया। यह घटना परिवार के भीतर उत्पन्न तनाव को और उजागर करती है।
परिवार की स्थिति
रविंद्र ने पंचायत भवन में किराये की दुकान से ई‑मित्र चलाया था। उनकी शादी लगभग 13 साल पहले मेलूसर निवासी महिंद्रा से हुई थी और उनका 11 साल की बेटी मिकारिका है। घटना के समय रामचंद्र की पत्नी धर्मा देवी भी धर्मकांटे पर मौजूद थीं; बेटे‑बहू की मौत के बाद वह बेसुध हो गईं।
पंचायत चुनाव का संदर्भ
चंगोई गांव के अलग ग्राम पंचायत बनने के बाद से ही रामचंद्र सरपंच पद के चुनाव की तैयारी कर रहे थे। पंचायत चुनाव का चौथा चरण 16 नवंबर को निर्धारित है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव की तैयारी के दौरान पिता और बेटे‑बहू के बीच बार‑बार विवाद होते रहे, और अब यह विवाद दो मौतों के रूप में समाप्त हुआ।
मुख्य बातें
- रामचंद्र जाट ने अपने बेटे रविंद्र और बहू महिंद्रा को बोलेरो से कुचलकर मार डाला।
- घटना 16 नवंबर को होने वाले पंचायत चुनाव से कुछ दिन पहले, तारानगर तहसील में रात 12:50 बजे हुई।
- पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, बोलेरो जब्त किया और हत्या का केस दर्ज किया।
- अभियुक्त की थाने में पिटाई के बाद पुलिस ने उसे छुड़ाया।
- परिवार में 11 साल की बेटी मिकारिका बची है; पिता की पत्नी धर्मा देवी बेसुध हो गईं।
यह मामला ग्रामीण राजनीति में व्यक्तिगत इच्छाओं और पारिवारिक कलह के खतरों को उजागर करता है, और स्थानीय प्रशासन को चुनाव प्रक्रिया में शांति बनाए रखने की चुनौती का संकेत देता है।




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