छत्तीसगढ़ के बालोद में टोनही कहकर महिला पर झाड़-फूंक और तांत्रिकों की मदद से प्रताड़ना
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छत्तीसगढ़ के बालोद में एक महिला को अपने ही परिवार द्वारा टोनही कहकर, सभी मौतों और परेशानियों का दोषी ठहराते हुए झाड़-फूंक और तांत्रिकों की मदद से प्रताड़ित किया गया। पीड़िता ने इस अत्याचार को रोकने के लिए कोर्ट में इस्थगासा दाखिल किया और कोर्ट के आदेश पर पुलिस में FIR दर्ज कराई।
मामले की पृष्ठभूमि
बालोद नगर के वार्ड‑12, गंजपारा में रहने वाली सरला पटेल ने अपने परिवार के 15 सदस्यों के खिलाफ प्रताड़ना का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पहले परिवार के सदस्य ही उन्हें शारीरिक और मौखिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे, फिर बाहर से तांत्रिक बुलाकर झाड़‑फूंक के नाम पर अत्याचार बढ़ा दिया गया।
टोनही शब्द का प्रयोग और सामाजिक अपमान
परिवार के सदस्य सरला को लगातार “टोनही” कहकर अपमानित करते रहे। यह शब्द स्थानीय भाषा में महिला को बेइज्जत करने के लिए प्रयोग किया जाता है और इस मामले में इसका उपयोग पीड़िता को सामाजिक रूप से अलग‑थलग करने के लिए किया गया।
तांत्रिकों की भागीदारी और खर्च
सरला के दो बेटियों की शादी (नवंबर 2020) के दौरान नागपुर के तांत्रिक पंडित उमेश दवे को बुलाया गया। तांत्रिक ने परिवार में हुई मौतों और अन्य परेशानियों के लिए सरला को जिम्मेदार ठहराते हुए पूजा‑पाठ कराई। इस प्रक्रिया में लगभग 50,000 रुपये खर्च हुए। सरला ने बताया कि वह मासिक धर्म के कारण पूजा में नहीं जा सकी, फिर भी उसे टोनही कहकर अपमानित किया गया।
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सास की बीमारी और अतिरिक्त तांत्रिक
सास कांता बेन पटेल की तबीयत बिगड़ने पर परिवार के कुछ सदस्य झारखंड के निवासी बाबूभाई पटेल के माध्यम से धनबाद के एक तांत्रिक से संपर्क किए। तांत्रिक ने सास की बीमारी का कारण सरला को बताया। इसके बाद सरला को वड़ोदरा (गुजरात) के एक तांत्रिक के पास ले जाया गया, जहाँ उसे दिन भर नींबू लेकर बैठाया गया और गलती मानने से इनकार करने पर नारियल घुमाकर मंत्र पढ़े गए।
कानूनी कार्रवाई
परिवार की लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर सरला ने स्थानीय कोर्ट में इस्थगासा दाखिल किया। कोर्ट ने आदेश दिया कि पुलिस मामले की जांच करे और आवश्यक कार्रवाई करे। इस आदेश के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर ली, जिससे मामला औपचारिक रूप से जांच के दायरे में आया।
मुख्य बातें
- बालोद (छत्तीसगढ़) में सरला पटेल को परिवार ने टोनही कहकर सभी मौतों और परेशानियों का दोषी ठहराया।
- परिवार ने तांत्रिकों को बुलाकर झाड़‑फूंक, पूजा‑पाठ और विभिन्न अनुष्ठान कराए।
- शादी में तांत्रिक पंडित उमेश दवे को बुलाया गया, खर्च लगभग 50,000 रुपये।
- सास की बीमारी के लिए भी तांत्रिक की मदद ली गई और सरला को नारियल घुमाकर मंत्र पढ़े गए।
- सरला ने कोर्ट में इस्थगासा दाखिल किया, कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने FIR दर्ज की।
यह मामला सामाजिक मान्यताओं और अंधविश्वासों के चलते महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों को उजागर करता है। न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से पीड़िता ने अपने अधिकारों की रक्षा की है और इस प्रकार भविष्य में समान घटनाओं को रोकने की आशा की जा रही है।




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