BJP का सिख कॉन्क्लेव: 1984 दंगों को लेकर कांग्रेस को घेरने की तैयारी
3 मिनट में पढ़ें

राहुल गांधी की पंजाब रैली और 1 नवंबर की दिल्ली रैली को लेकर बीजेपी ने तीव्र प्रतिक्रिया देने की घोषणा की। पार्टी चंडीगढ़ में एक बड़े ‘सिख कॉन्क्लेव’ का आयोजन कर 1984 के दंगों के काले अध्याय को उजागर कर कांग्रेस को घेरने का इरादा रखती है। यह कदम भाजपा के राज्य मीडिया प्रभारी विनीत जोशी ने बताया, जिसमें 4 नवंबर या उसके आसपास का समय निर्धारित किया गया है।
सिख कॉन्क्लेव का उद्देश्य और कार्यक्रम
बीजेपी का कहना है कि 1 और 4 नवंबर को 1984 में सिखों के खिलाफ हुए दंगों की स्मृति में ही राहुल गांधी को रैली करने का अधिकार नहीं है। इस संदर्भ में कॉन्क्लेव में 1984 के दंगा पीड़ित परिवार, उनके केस लड़ने वाले वरिष्ठ वकील एच.एस. फुल्का और रिटायर्ड जस्टिस ढींगरा जैसे हस्तियों को आमंत्रित किया जाएगा। इन व्यक्तियों के माध्यम से दंगों के ‘सरकारी कत्लेआम’ के आरोपों को सार्वजनिक किया जाएगा।
पीड़ित प्रतिनिधिमंडल की कार्रवाई
राज्यसभा सांसद सतनाम संधू की अगुवाई में 1984 दंगा पीड़ितों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर कांग्रेस और वर्तमान राज्य सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को लुधियाना में गांधी परिवार का पुतला फूंकने का ऐलान किया गया है, जिससे कांग्रेस को राजनीतिक दबाव में लाया जा सके।
पंजाब सरकार पर पीड़ितों की चेतावनी
पीड़ितों ने पंजाब के गवर्नर से मुलाकात के बाद राज्यपाल के सामने आरोप लगाया कि 1984 का दंगा पूरी तरह ‘सरकारी कत्लेआम’ था, जिसे कांग्रेस ने प्रायोजित किया और सोनिया गांधी को इसकी पूरी जानकारी थी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सात बार मुलाकात के लिए समय देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ितों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे घर-घर जाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
आपके लिए संबंधित खबरें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख
पीड़ितों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया, यह कहते हुए कि उनके कार्यकाल में सज्जन कुमार जैसे आरोपियों को सजा मिली और असली इंसाफ शुरू हुआ। यह बयान बीबी गुरदीप कौर ने भावुक होकर दिया, जिन्होंने बताया कि 1 नवंबर की तारीख पर उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए थे और उन्हें अंतिम संस्कार तक नहीं मिल पाया।
मुख्य बातें
- बीजेपी ने चंडीगढ़ में 4 नवंबर के आसपास ‘सिख कॉन्क्लेव’ आयोजित करने की योजना बनाई।
- कॉन्क्लेव में 1984 दंगा पीड़ित परिवार, वरिष्ठ वकील एच.एस. फुल्का और रिटायर्ड जस्टिस ढींगरा शामिल होंगे।
- पीड़ित प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात कर कांग्रेस और राज्य सरकार पर ‘सरकारी कत्लेआम’ का आरोप लगाया।
- लुधियाना में 1 नवंबर को गांधी परिवार का पुतला फूंकने का ऐलान किया गया।
- पीड़ितों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को सात बार मुलाकात के लिए समय देने के बावजूद अनदेखा करने का आरोप लगाया और घर-घर विरोध का इशारा किया।
बीजेपी का यह कदम राहुल गांधी की रैलियों को चुनौती देने के साथ-साथ 1984 के दंगों को फिर से राजनीति में लाने का प्रयास है। आगामी सिख कॉन्क्लेव में कौन‑से बयान और कार्रवाई होगी, यह देखना बाकी है।




टिप्पणियाँ
0