पीलीभीत वोटर लिस्ट घोटाले में वर्तमान व पूर्व DM को जवाबदेही का सामना
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उत्तरी प्रदेश के पीलीभीत में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी उजागर हुई, जिससे चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की तैयारी की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने वर्तमान तथा पूर्व जिला निर्वाचन अधिकारी दोनों को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
घोटाले की पृष्ठभूमि
पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र‑127 की वोटर लिस्ट में EPIC (मतदाता पहचान पत्र) नंबरों में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद एक विस्तृत जांच शुरू हुई। जांच में पता चला कि 31 मई 2026 से 29 अगस्त 2026 के बीच कुल 13,779 फॉर्म गलत तरीके से दर्ज किए गए। इनमें से 10,470 फॉर्म त्रुटिपूर्ण होने के बावजूद स्वीकृत कर दिए गए। यह संख्या मतदाता सूची की शुद्धता पर गंभीर सवाल खड़ी करती है।
जांच के प्रमुख निष्कर्ष
- 31 मई‑29 अगस्त 2026 के बीच 13,779 फॉर्म में त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियां पाई गईं।
- इनमें से 10,470 फॉर्म को बिना सुधार के स्वीकृति मिल गई।
- गड़बड़ी के कारण कई मतदाताओं के EPIC नंबर पर किसी अन्य मतदाता का विवरण दिख रहा था।
CEO का कदम: जवाबदेही की माँग
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने पीलीभीत के वर्तमान जिला निर्वाचन अधिकारी और उस अवधि में तैनात रहे पूर्व जिला निर्वाचन अधिकारी दोनों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। यह अनुरोध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मैनुअल ऑन इलेक्टोरल रोल्स, 2023 में निर्धारित जिम्मेदारियों के आधार पर किया गया है।
स्पष्टीकरण में क्या माँगा गया
- उनके कार्यकाल में मतदाता सूची में इतनी बड़ी संख्या में गलत प्रविष्टियां कैसे हुईं?
- त्रुटिपूर्ण फॉर्मों को स्वीकृति मिलने से पहले क्यों नहीं रोका गया?
- निगरानी एवं नियंत्रण के लिए अपनाए गए उपायों की विस्तृत जानकारी।
लापरवाही सिद्ध होने पर संभावित कार्रवाई
यदि जांच में यह सिद्ध होता है कि जिला निर्वाचन अधिकारियों की लापरवाही या जानबूझकर चूक हुई है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में उनके पद से हटाना, अनुशासनात्मक दंड या कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है।
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वोटर लिस्ट पर चुनाव आयोग की सख्त निगरानी
मतदाता सूची में लगातार गड़बड़ियों को देखते हुए, CEO ने 30 अक्टूबर को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन ECI नेट पर लॉगिन कर अपने कार्यों की समीक्षा करें। साथ ही, यूज़र आईडी, पासवर्ड और OTP को किसी के साथ साझा न करने की कड़ी हिदायत दी गई। लापरवाही मिलने पर जवाबदेही तय करने का स्पष्ट संकेत दिया गया।
मुख्य बातें
- पीलीभीत में 13,779 त्रुटिपूर्ण फॉर्म, जिनमें 10,470 फॉर्म स्वीकृत हुए।
- CEO नवदीप रिणवा ने वर्तमान व पूर्व जिला निर्वाचन अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा।
- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मैनुअल ऑन इलेक्टोरल रोल्स, 2023 के तहत जवाबदेही तय की जाएगी।
- वोटर लिस्ट की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारियों को दैनिक ECI नेट लॉगिन की अनिवार्यता।
- लापरवाही सिद्ध होने पर अनुशासनात्मक या कानूनी कार्रवाई की संभावना।
यह मामला उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर चल रहे बहस में एक नया मोड़ लेकर आया है। चुनाव आयोग की सख्त निगरानी और जवाबदेही की प्रक्रिया से भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने की उम्मीद है।




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