बारिश से टला जन महाभियोग, विपक्ष ने 1 नवंबर की महारैली का रोडमैप जारी किया
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दिल्ली में शुक्रवार को हुई तेज़ बारिश ने इंडिया गठबंधन के बड़े राजनीतिक प्रदर्शन को रोक दिया। ज्ञानेश कुमार, जो मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर आयोजित जन महाभियोग कार्यक्रम को पोस्टपोन करना पड़ा। इस बीच, विपक्ष ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली महारैली का विस्तृत रोडमैप जारी किया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में खुली बहस का चुनौती दिया।
जन महाभियोग कार्यक्रम टल गया
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर निर्धारित जन महाभियोग कार्यक्रम को भारी बारिश की तेज़ बूंदों ने बाधित कर दिया। कार्यक्रम को आज तक के लिए स्थगित करना पड़ा। इंडिया ब्लॉक के सांसदों के साथ नेता विपक्ष राहुल गांधी ने इस बात की पुष्टि की।
लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार को इस सांकेतिक कार्यवाही की अध्यक्षता करनी थी और खरगे को प्रस्ताव पेश करना था। बारिश के बावजूद राहुल गांधी और कई विपक्षी नेता खरगे के घर पहुंचे, जहाँ उन्होंने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर तीखा हमला बोला।
अमित शाह का संसद चुनौती
लखनऊ से बात करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को ‘मॉक संसद’ की नौटंकी छोड़कर असली संसद में बहस करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, “अगर हिम्मत है तो संसद में चर्चा करें। हम विशेष सत्र बुला सकते हैं।” शाह ने यह भी कहा कि विपक्षी नेताओं को चुनाव आयोग पर ही आरोप लगाकर चुनाव हारने के बाद अंपायर को दोषी ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
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विपक्ष का 1 नवंबर का रोडमैप
भले ही शुक्रवार का जन महाभियोग टल गया, लेकिन विपक्ष ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली महारैली के लिए अपना पूरा रोडमैप सामने रख दिया। राहुल गांधी ने बताया कि दोपहर 12 बजे विपक्षी सांसद और दिग्गज नेता मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के जंक्शन पर इकट्ठा होकर मार्च शुरू करेंगे। सभी विपक्षी नेता विशेष बसों में सवार होकर रामलीला मैदान की ओर रवाना होंगे।
मुख्य बातें
- बारिश के कारण ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग कार्यक्रम टल गया।
- विपक्ष ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में महारैली का विस्तृत रोडमैप जारी किया।
- अमित शाह ने संसद में खुली बहस का चुनौती दिया, विशेष सत्र बुलाने की बात कही।
- राहुल गांधी ने कहा कि पूरा विपक्ष एकजुट है और वोट चोरी के खिलाफ संविधान की रक्षा कर रहा है।
- दिल्ली के व्यापारियों ने रैली के कारण ट्रैफिक जाम और व्यापार पर असर की चिंता जताई।
विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी जुबानी जंग
विपक्ष के पक्ष में सपा के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, “बीजेपी का जीत का ढकोसला इलेक्शन मैनिपुलेशन और मैनेजमेंट है।” टीएमसी के सांसद डेरिक ओ ब्रायन ने कहा, “यह हमारा एक बड़ा राजनीतिक प्लस है, हम मिलकर जीतेंगे।”
सत्ता पक्ष की ओर से केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष के इरादे को अराजकता फैलाने कहा, जबकि बीजेपी के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “नेता प्रतिपक्ष कभी संसद में घुसते हैं तो कभी सड़क पर लेटे दिखते हैं। अब कहा जा रहा है कि चीजें डिस्कशन से नहीं बल्कि रेजिस्टेंस से तय होंगी।”
दिल्ली के व्यापारियों की चिंता
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर रैली को टालने की अपील की। CTI का कहना है कि दीपावली सीजन के कारण सेंट्रल दिल्ली और पुरानी दिल्ली के बाजारों में भारी भीड़ है, और रैली से ट्रैफिक बाधित हो कर व्यापारियों के आजीविका पर असर पड़ेगा। CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि उनका संगठन रैली का विरोध नहीं कर रहा, बल्कि दीपावली के बाद इसे आयोजित करने की अपील कर रहा है। अभी तक सोनिया गांधी की ओर से कोई जवाब नहीं आया।
आगे का रास्ता
जन महाभियोग कार्यक्रम के टलने के बाद भी विपक्ष ने अपनी रणनीति में कोई बदलाव नहीं किया। 1 नवंबर को निर्धारित महारैली के लिए तैयारियां जारी हैं, जबकि सरकार ने विशेष संसद सत्र की संभावना को नहीं खारिज किया है। दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक तनाव जारी रहेगा, और दिल्ली में व्यापारियों की चिंताएं भी इस बड़े प्रदर्शन के प्रभाव को लेकर बनी रहेंगी।




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